सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर रही ये ख़बर भी निकली फर्जी

आदर्श बहु बनाने के लिए बीएचयू में जारी किये गए कोर्स की सच्चाई

सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर रही ये ख़बर भी निकली फर्जी

शेफाली त्रिपाठी, गाँव कनेक्शन

लखनऊ। वो ख़बर जिसे अब तक लाखों लोग शेयर कर चुके हैं। फेसबुक, ट्वीटर , व्हाट्एसअप लोग अपनी भड़ान निकाल रहे थे, क्योंकि ख़बर वायरल हो रही थी कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में एक ऐसा कोर्स कराया जाएगा, जो लड़कियों को आदर्श बहु बनने के गुर सिखाएगा।

सोशल मीडिया पर आदर्श बहू बनाने के लिए बीएचयू द्वारा कथित तौर कोर्स कराए जाने की ख़बर को लोगों ने धडल्ले से शेयर किया। दरअसल आदर्श बहू के इस कोर्स का नाम ''डॉटर प्राइड: बेटी मेरा अभिमान'' बताया जा रहा था। कहा जा रहा था यह तीन महीने का कोर्स होगा, जिसमे लड़कियों को मैरिज स्किल, सेल्फ कॉन्फिडेंस, प्रॉब्लम सोल्विंग स्किल के साथ साथ कंप्यूटर और फैशन स्किल भी सिखाया जाएगा। खबरों में यह भी था कि बीएचयू का आईआईटी विभाग इस कोर्स को कराएगा। इस ख़बर को एक समाचार एजेंसी ने भी जारी किया था।

इस न्यूज़ के तेजी से बढ़ने के बाद कुहेलिका गुहा (छात्रा) ने बताया कि जब मुझे पता चला की ऐसा कोई कोर्स हमारे देश के इतने प्रचलित विश्वविद्यालय के द्वारा चलाया जा रहा है तो मैंने अपने फेसबुक पर ये खबर यह सोच कर साँझा कि लोगो की सोच इस मामले में कितनी संकुचित हो गयी है कि केवल लडकियों को ही आदर्श बहू बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है, अगर यह कोर्स सामाजिक जानकारी के लिए चलायी जा रही है तो केवल लडकियों को ही इस कोर्स के योग्य क्यों माना जा रहा है? दो दिन बाद कमेंट्स सेक्शन में अपनी एक दोस्त से पता चला कि यह खबर फेक है और ऐसा कोई कोर्स नहीं है।

पिछले दिनों यंग स्किल्ड इंडिया के सीईओ नीरज श्रीवास्तव ने कहा था की इस कोर्स की शुरुआत समाज में बढ़ती हुई समस्या को देखते हुए की जा रही है। इसे एक निजी संस्था के साथ मिलकर ''डॉटर प्राइड: बेटी मेरा अभिमान'' के नाम से चलाया जाएगा।

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इसी बीच बीएचयू ने बयान जारी किया कि वह ऐसा कोई भी कोर्स शुरू नहीं कर रहे है। बीएचयू के आईआईटी विभाग में ऐसा कोई भी कोर्स नहीं चला रहा है। बीएचयू ने अपने बयान में यह स्पष्ट करते हुए कहा की यंग स्किल्ड इंडिया एक प्राइवेट संस्था है, बीएचयू से उसका कोई लेन देन नहीं है। अगर ऐसा कोई कोर्स शहर में कही प्राइवेट संस्था के साथ मिलकर चलाये जा रहे है, उसमे बीएचयू का योगदान नहीं है। बीएचयू ने प्रेस रिलीज में कहा कि लोगों को ऐसे फेक न्यूज़ पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

फेक न्यूज के खिलाफ गांव कनेक्शन का अभियान

ऐसी फर्जी ख़बरों को रोकने और सोशल मीडिया पर लोगों को जागरुक करने के लिए गांव कनेक्शन ने फेसबुक के साथ मिलकर मोबाइल चौपाल शुरु की थी। गांव कनेक्शन का मोबाइल रथ गांव-गांव कस्बों और छोटे शहरों में घूम-घूम कर छात्र-छात्राओं और इंटरनेट उपभोक्ताओं को जागरुक कर रहा है। कई वाक्ये हो चुके हैं जब फेसबुक और व्हाट्सअप जैसे सोशल साइट्स पर भड़काऊ पोस्ट, या झूठी पोस्ट के चलते हंगामा हुआ, हत्याएं हुईं। फेक न्यूज भारत समेत पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुका है।

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