गाँव से बॉलीवुड तक का सफर...

गाँव से बॉलीवुड तक का सफर...gaonconnection

बॉलीवुड में अपना नाम हो, अमिताभ, शाहरुख जैसा स्टारडम हो। ये अरमां अब सिर्फ शहर के लोगों तक ही सीमित नहीं है बल्कि गाँव के युवा भी ऐसे सपने देखने लगे हैं। इसकी वजह ये है कि अब उन्हें अपने लिए आदर्श मिल गए हैं। नवाज, इरफान से लेकर मनोज बाजपेई, नाना पाटेकर जैसे कई सितारे हैं जिन्होंने गाँव की मिट्टी से लेकर मायानगरी के आकर्षण तक लंबा सफर तय किया है।

मनोज बाजपेई

बिहार के पश्चिमी चंपारन के एक छोटे से गाँव बेतिया से ताल्लुक रखने वाले एक्टर मनोज बाजपेई इंडस्ट्री के उन चुनिंदा कलाकारों में से एक हैं जो कमर्शल फिल्मों के बजाय आर्ट फिल्मों में नजर आते हैं। पिछले दिनों आई उनकी फिल्म अलीगढ़ में उनकी कमाल की एक्टिंग देखने को मिली। इससे पहले फिल्म जुबैदा और गैंग्स ऑफ वासेपुर में उनके अभिनय को काफी पसंद किया गया। आपको जानकर यह हैरानी होगी कि मनोज बाजपेई को तीन बार नैशनल स्कूल ऑफ ड्रामा ने रिजेक्ट किया था। इसके बाद वे लगातार थियेटर से जुड़े रहे।

नवाजुद्दीन सिद्दीक़ी

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के ज़िले से 40 किलोमीटर दूर भुवाना नामक गाँव में नवाजुद्दीन का जन्म हुआ था। उनके पिता किसान थे। एक इंटरव्यू में नवाज ने बताया था कि उनको जब फ़िल्में देखना होता था तो ईद या दिवाली के मौके पर पैसा जमा करके वह अपने गाँव से शहर में जाकर फ़िल्में देखते थे। नवाजुद्दीन ने अपनी पढ़ाई मुज़फ्फरनगर में पूरी करने के बाद थिएटर करना शुरू किया। वहां छोटे मोटे नाटक करते हुए उन्हें लगा कि वह भी अभिनय कर सकते हैं। कुछ साल बाद उन्होंने दिल्ली में नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा में प्रवेश मिला और वहीं उन्होंने अपनी कला को तराशा। फिर दिल्ली में ही वह कोई चार साल तक छोटे मोटे नाटक करके गुज़ारा करते रहे। ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में फैजल के रोल से उनको इंडस्ट्री में पहचान मिली और पिछले साल आई फिल्म मांझी ने सफलता के झंडे गाड़ दिए। हालांकि नवाज का एक दिलचस्प पहलू भी है। जहां ज्यादातर एक्टर्स छुट्टियों में विदेश जाना पसंद करते हैं वहीं नवाज को अपने खेतों में खेती करना पसंद है। 

इरफ़ान ख़ान

जयपुर के टोंक गाँव से ताल्लुक रखने वाले इरफान खान के पिता जमींदार थे जो चाहते थे कि इरफान भी उनके बिजनेस में हाथ बंटाएं लेकिन इरफान ऐसा बिल्कुल नहीं चाहते थे। वह क्रिकेटर बनना चाहते थे लेकिन उनके पैरंट्स ने मना कर दिया।  भाग्य से उन्हें एनएसडी से स्कॉलरशिप मिल गई। वह उस समय जयपुर से एमए कर रहे थे और उन्होंने अपने थियेटर से जुड़े होने की बात सबसे छिपाई थी। हालांकि स्कॉलरशिप मिलने के बाद सभी के सामने बात खुल गई और यहां से एक्टर इरफान खान का जन्म हुआ। इरफान ने मुंबई स्थित अपने फॉर्महाउस में ऑर्गेनिक फल और सब्जियां उगाते हैं। इस तरह एक्टर होने के साथ-साथ इरफान एक किसान भी हैं।

नाना पाटेकर

हाल ही में जब नाना पाटेकर ने अपने एनजीओ के तहत महाराष्ट्र के दो अकाल पीड़ित गाँवों को गोद लिया है तब उनकी काफी तारीफ हुई। नाना पाटेकर काफी समय से इस एनजीओ को चला रहे हैं। नाना पाटेकर का जन्म भी महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुद जंजिरा गाँव में हुआ था। नाना पाटेकर फिल्मों में अपने खास तरह के किरदारों के लिए जाने जाते हैं। चाहे फिल्म तिरंगा में इंस्पेक्टर के रोल में या फिर ‘खामोशी’ में गूंगे पिता के रोल में उन्हें बेहद पसंद किया गया। नाना पाटेकर हमेशा गाँवों से जुड़े रहे हैं और समाज सेवा में भी शामिल रहे हैं।

रिपोर्टर - शेफ़ाली श्रीवास्तव

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