गाँवों में बिजली सिर्फ सरकारी वादों का झुनझुना

गाँवों में बिजली सिर्फ सरकारी वादों का झुनझुनागाँव कनेक्शन

 मैनपुरी। 'शाइनिंग इंडिया’ के साथ गाँवों के विकास का नारा जिले में आज भी पूरी तरह से किताबी साबित हो रहा है। दर्जनों गाँव अब भी ऐसे हैं जिनमें आजादी के बाद से आज तक बिजली का बल्ब भी नहीं जल पाया है।

मैनपुरी जिले के विकास खंड कुरावली के  गाँव रूस्तमपुर सरकार की अनदेखी का शिकार है। गाँव में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत अब से तीन वर्ष पहले इस गाँव का चयन किया गया था। लेकिन आज तक इस गाँव में बिजली की व्यवस्था के लिए प्रयास भी प्रारंभ नहीं किए गए हैं। 

रूस्तमपुर गाँव के निवासी राजेंद्र यादव (45 वर्ष) बताते हैं, ''गाँव में बिजली देने के नाम पर हम से खिलवाड़ किया गया है। हमें सबसे ज़्यादा दिक्कत मोबाइल चार्जिंग की है। इसके लिए हम दूसरे गाँवों के लोगों को अपने मोबाइल फोन दे देते हैं। चार्ज होने पर वापस लाते हैं। यह रोज का सिलसिला हो गया है।’’

पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत जिले के 45 पूर्ण और 90 आंशिक गाँवों में विद्युतीकरण कराया जाना प्रस्तावित है। योजना में विद्युतीकरण के लिए गुजरात की मेसर्स इरेडा कंपनी को गाँवों में सर्वे करने का काम सौंपा गया है। दिसंबर 2015 में सर्वे का काम तो पूरा हो गया लेकिन आगे की कार्रवाई लंबित पड़ी है।

1600 की आबादी वाले रूस्तमपुर गाँव में 160 मकान हैं। योजना में गाँव का चयन होने के बाद गाँववालों की आंखों में उम्मीद की चमक दिखाई दी थी। लेकिन लंबे इंतजार ने आंखों की वह चमक भी अब फीकी कर दी है। बीते पंचायत चुनाव में एक प्रत्याशी ने जब गाँव में बिजली के खंभे डाले थे, तो गाँव वालों को फिर से आस बंधी थी लेकिन चुनाव बीता तो सब कुछ पहले जैसा ही हो गया।

12वीं कक्षा में पढ़ रही स्नेहलता कहती हैं, ''बोर्ड परीक्षा सिर पर है। बिजली है नहीं, ऐसे में रात भर लालटेन की रोशनी में अपनी परीक्षा की तैयारी करती हूं। ’’ 31 दिसंबर तक रूस्तमपुर गाँव में विद्युतीकरण का काम पूरा होना था, लेकिन कार्यदायी संस्था की ढ़ील की वजह से कार्य लंबित पड़ा है। 

जिले में खराब पड़ी विद्दुतीकरण व्यवस्था को सुधारने की बात कहते हुए अधिशासी अभियंता ऐकेपांडे बताते हैं, ''जिले में पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया प्रारंभ कराई जाएगी। योजना का लाभ हर हाल में ग्रामीणों को दिलाया जाएगा।’’

गाँव के पूर्व प्रधान रामऔतार (52वर्ष) बताते हैं, ''गाँव में बिजली नहीं है। इसकी वजह से आज भी हम देश-दुनिया से बहुत पिछड़े हैं। बिना बिजली के कई बार तो पीने के पानी को भी परेशान होना पड़ता है। गर्मी में हैंडपंपों का पानी सूखने लगता है तो दूसरी ग्राम सभा में लगे ट्यूबवेल से पानी लाना ताड़ता है।’’

रिपोर्टर - रतन सिंह

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