उन्नाव में 44 दिन के अंदर 16 हत्याएं 

उन्नाव में 44 दिन के अंदर 16 हत्याएं प्रतीकात्मक फोटो

रिपोर्ट: श्रीवत्स अवस्थी/शादाब अहमद

उन्नाव। जिले में कानून व्यवस्था बेपटरी हो चली है। खाकी की सक्रियता कम होने से अपराधी मस्त हैं और वह आराम से वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। बीते 44 दिनों में जिले में 16 लोगों की हत्या कर दी गई, जिनमें सात महिलाएं भी शामिल हैं। लगभग हर तीसरे दिन जिले में हो रही एक हत्या से आमजन में भय पैदा हो गया है। हालांकि अपराध के तेजी से बढ़ रहे ग्राफ को कम करने में पुलिस लगातार माथापच्ची कर रही है, लेकिन वह अपराधियों के आगे बेबस है।

20 लाख के जेवर लूट कर फरार हुए

शहर के एबीनगर में 12 सितंबर को बाइक सवार बदमाशों ने सराफ प्रमोद को गोली मार दी और 20 लाख रुपये के जेवर लूट कर फरार हो गए। 21 दिन तक चले इलाज के बाद प्रमोद की कानपुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। वहीं, 7 अक्टूबर की रात आसीवन थानाक्षेत्र के रसूलाबाद में घर में अकेले रहने वाली महिला की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। महिला करोड़ों रुपये की जायदाद की मालकिन थी। इन घटनाओं का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी है। पीड़ित जब थाने पहुंचकर पुलिस से घटना के खुलासे की बात करते हैं तो पीड़ितों को जल्द ही खुलासे का आश्वासन देकर उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। जिले में हत्या की यह घटनाएं तो मात्र उदाहरण हैं।

सात महिलाओं की हत्या

इन घटनाओं के साथ ही बीते 44 दिन के अंदर जिले में ताबड़तोड़ 16 हत्याएं हुई हैं। इन घटनाओं में अधिकतर का पुलिस अब तक खुलासा ही नहीं कर पाई है। हत्या की घटनाओं का खुलासा न होना पुलिस की सुस्त कार्यशैली को दर्शाता है। डेढ़ माह में जिले में हुई 16 हत्या6ओं में सात महिलाएं भी शामिल हैं, जिनकी नृशंसता के साथ हत्या कर दी गई।

क्या कहती हैं एसपी

बढ़ते अपराध को लेकर पुलिस विभाग की कमान संभाल रही एसपी नेहा पांडेय का कहना है कि वह क्राइम को कंट्रोल करने में पूरी तरह प्रयासरत हैं। वह बताती हैं कि हाल ही में हुई घटनाओं का खुलासा करने के लिए उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। जल्द ही घटनाओं का खुलासा कर दिया जाएगा।

पुलिसकर्मियों की कमी का है रोना

जिले में अपराध का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है और पुलिस उसे रोकने में नाकाम है। खुलेआम घूम रहे अपराधी पुलिस को हर रोज नई चुनौती दे रहे हैं। उधर अपराध को रोकने के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की कमी का रोना लिए बैठे हैं। हाल ही में बारासगवर में सराफ को गोली मारकर हुई लूट की घटना के बाद जब एसपी घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंची थी तब उन्होंने जिले में पुलिसकर्मियों की कमी की बात कही थी। एसपी नेहा पांडेय ने इस बात को स्वीकार किया था कि हर थाने में तीस फीसद तक पुलिसकर्मियों की कमी है।

इन घटनाओं के खुलासे का है इंतजार

थाना बारासगवर में बीती 7 अक्टूबर को दुकान बंद कर घर जा रहे सराफा भाईयों से हथियारबंद लुटेरों ने 30 लाख रुपये के जेवर लूट लिए थे। विरोध पर सुरेंद्र कुमार को गोली मार दी थी जबकि उसके भाई नरेंद्र की असलहों की बट से जमकर पिटाई कर दी थी। इस घटना का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है।

थाना आसीवन के रसूलाबाद में करोड़ों की मालकिन दयावती की 7 अक्टूबर की रात घर के अंदर गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने घर के ही सदस्यों को शक के घेरे में लेते हुए घटना का जल्द खुलासा करने का दावा किया था, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।

बीती 5 अक्टूबर को गंगाघाट नगर पालिका के चेयरमैन पुत्र दीपक की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। हाईप्रोफाइल हत्याकांड के बाद भी पुलिस अब तक घटना का खुलासा नहीं कर पाई है।

शहर के एबी नगर में 12 सितंबर की रात सराफ प्रमोद सोनी व उसके भाई को गोली मारकर बदमाश बीस लाख रुपये का माल लूट ले गए थे। दो अक्टूबर को इलाज के दौरान प्रमोद की मौत हो गई थी। प्रमोद की मौत के बाद पुलिस ने 48 घंटे में घटना का खुलासा करने का दावा किया था। पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं।

11 अक्टूबर को शहर की पॉश कालोनी आवास विकास के सी ब्लाक में स्थित ज्वैलरी शाप से चोर 20 लाख रुपये का माल चुरा ले गए थे। चोरी की वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद भी हुई लेकिन चोरों का अब तक पता नहीं चल पाया है।

10 अक्टूबर को इंडाग्रो फैक्ट्री के ठेकेदार को बाइक सवार बदमाशों ने लखनऊ कानपुर हाईवे पर लूट लिया था। ठेकेदार के पास से दो लाख रुपये लेकर बदमाश भाग निकले थे। घटना का खुलासा नहीं हो पाया है।

दो माह पूर्व परियर के प्राथमिक विद्यालय में युवती की दुष्कर्म के बाद अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी। घटना के खुलासे में पुलिस ने जमकर हाथ पैर मारे, लेकिन नतीजा सिफर रहा।

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