सुबह से शाम तक जमें रहते हैं जुआरी, युवाओं को लग रही लत  

सुबह से शाम तक जमें रहते हैं जुआरी, युवाओं को लग रही लत   विशुनपुर के लोग इसलिए परेशान हैं क्योंकि जुआरिओं को देखकर उनके बच्चे भी इसके आदी हो रहे हैं। फोटो- साभार

दुर्गेश मौर्या, कक्षा- 12, उम्र- 17 (कम्यूनिटी जर्नलिस्ट)

न्यू जय हिन्द इंटर कालेज विशुनपुर, बाराबंकी

विशुनपुर (बाराबंकी)। देवा कोतवाली के अंतर्गत आने वाला विशुनपुर गाँव इस समय जुआरियों का अड्डा बना हुआ है। अब तो कई गांवों के लोग यहां आकर जुआं खेलने लगी है। जबकि पुलिस चौकी इस गांव से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर है।

बाराबंकी मुख्यलय से 20 किमी उत्तर फतेहपुर ब्लॉक का विशुनपुर गाँव में इन दिनों कई जगहों पर जुआं खेलते लोग मिल जाएंगे। यहां तालाब के किनारे व शिव मंदिर के पीछे जुआरी सुबह से ही जुटना शुरू हो जाते हैं। इन स्थानों पर झाड़िया ज्यादा हैं, जिसका फायदा जुआरी उठाते है। लोगों की शिकायत पर एक दो बार पुलिस ने छापा मारा, लेकिन जुआरी पुलिस की पकड़ में आने से पहले ही भाग खड़े हुए।

गांव में हो रहे जुएं के बारे में जानकारी नहीं है। अगर कहीं ऐसा हो रहा है तो पुलिस उस पर कार्रवाई करेगी।
एसपी सिंह, इंस्पेक्टर, कोतवाली देवां, बाराबंकी

गाँव का कोई व्यक्ति यदि हिम्मत करके जुआरियों को रोकना चाहता है तो जुआरी जान से मारने की धमकी देते हैं। गांव के लोग इसलिए भी परेशान हैं क्योंकि जुएं की लत अब धीरे-धीरे गाँव के युवाओं को भी लगती जा रही है, जिससे इनका परिवार बिखरने के कगार पर पहुंच गया है। गाँव के युवक शाम को जब जुआं हार कर घर जाते है तो अक्सर पत्नी और बच्चों को भी मारते पीटते हैं। गांव के एक बुजुर्ग ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ये (जुआरी) लोग सुबह से आकर इन रास्तों पर बैठ जाते हैं जिससे शौच को जाने वाली महिलाओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार महिलाओं ने इसका विरोध किया, लेकिन डरा धमका कर इन महिलाओं को शांत करा दिया गया।” ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत करने के बाद भी विशुनपुर गाँव में जुआ खेलने का काम अनवरत चल रहा है। जो गाँव के युवाओं को भी धीरे-धीरे अपने आगोश में लेता जा रहा है। इस बारे में बात करने पर देवां कोतवाली के इंस्पेक्टर एसपी सिंह ने गांव कनेक्शन को बताया, मामला उनके संज्ञान में नहीं है, अगर कहीं ऐसा हो रहा है तो वो उस पर कार्रवाई करेंगे।”


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