हजारों यात्री रोजाना करते हैं यहां से सफर, न बैठने को सीट, न पीने को पानी

हजारों यात्री रोजाना करते हैं यहां से सफर, न बैठने को सीट, न पीने को पानीबाराबंकी बस अड्डे पर कुछ ऐसे फैली रहती है गंदगी

बाराबंकी। प्रदेश की राजधानी लखनऊ से महज 25 किलोमीटर दूर स्थित बाराबंकी बस अड्डे की अगर जमीनी हकीकत देखी जाए तो शायद यकीन कर पाना मुश्किल होगा क्योंकि यहां गंदगी की भरमार है। वहीं इस बस अड्डे पर यात्रियों सुविधाओं के नाम पर भी कुछ नहीं है।

बस स्टाप पर पान की गुमटी लगाने वाले मुन्ना बताते हैं, “उन्हें अक्सर लखनऊ आना-जाना रहता है एक तो सबसे बड़ी समस्या गंदगी की है दूसरी समस्या पीने वाले पानी की है, जहां लगता है वर्षों से सफाई ही नहीं करवाई गयी है।” ढकौली गाँव निवासी हरीराम शुक्ला यात्रियों से जुड़ी समस्या गिनाते हुए बताते हैं साहब क्या-क्या समस्या हम बताएं खुद सामने आप देख लो बाद में वो यहां की समस्याएं गिनवाने में जुट गए। उन्होंने कहा वो अक्सर बहराइच और फैजाबाद जाते रहते हैं सबसे बड़ी समस्या यह है कि कोई भी बस बाराबंकी जिले से सीधे न तो बहराइच जाती है और न ही फैजाबाद। उन्हें बस स्टाप से पांच किलोमीटर दूर सागर इंस्टीट्यूट तक मोटर साइकिल से छोड़ने परिवार के लोग जाते हैं। हाईवे से बस मिलती है रात में जब उधर से वापस लौटते हैं तो बस वाले बस स्टाप बाराबंकी नहीं आते वो उधर से लखनऊ के लिए निकल जाते हैं।

रोडवेज बस अड्डा। फोटो- सतीश

बस स्टाप के पास की जर्जर हो चुकी सड़क पर अक्सर पानी भरा रहता है पानी का कोई निकास नहीं है। बस स्टाप के पास ही ममता मेडिकल स्टोर के मालिक मनोज वर्मा बताते है, “बस की समस्याएं भी बहुत हैं क्योंकि यात्रियों को बसों में जगह नहीं मिलती यात्री बसों के लिए घंटों लाइन में लगे रहते हैं।” टिकट सेक्शन व स्ट्रांग रूम इंचार्ज प्रभारी शीलमणि मिश्रा ने जानकारी बताते हुए बताया, “नया बस स्टाप 2.207 हेक्टेयर एरिया में बन रहा है, जहां सारी सुविधाएं मिलेंगी।” उन्होंने बताया ये पुराना बस स्टाप 1380 वर्ग मीटर में बना है। जगह की समस्या है इसलिए ज्यादा बसें भी एक साथ नहीं खड़ी की जा रही हैं।

छह महीने बाद ही एक नया बस स्टाप बनकर तैयार हो जाएगा। इसका कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
लालजी पाठक, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी, बस स्टाप

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