गृह मंत्री के गोद लेने के बाद भी विकास से कोसों दूर बेंती गाँव 

गृह मंत्री के गोद लेने के बाद भी विकास से कोसों दूर बेंती गाँव गोद लिए जानें के बावजूद विकास से कोसों दूर है बेती गाँव।

विशाल मिश्रा

लखनऊ। सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गाँव तो गोद ले लिया, लेकिन तीन साल बाद भी गाँव अभी भी विकास से कोसों दूर है।प्रदेश की राजधानी में सरोजनी नगर ब्लॉक के बेंती गाँव को गृहमंत्री ने जब गोद लिया था तो ग्रामीणों में खुशी थी कि अब उनके गाँव का भी विकास होगा। गाँव वालों ने गृहमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन भी उनके प्रतिनिधि के माध्यम से उन्हें भेजा पर गाँव वालों का हाल जानने कोई नहीं आया।

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राजधानी की सीमा के अंतिम छोर पर स्थित गाँव बेंती जिसे गृहमंत्री ने एक सीएससी दिया भी पर तत्कालीन प्रदेश सरकार के मंत्री ने उसे भी दूसरे गाँव भेज दिया। गाँव की पूर्व प्रधान रहीं शान्ती तिवारी के पति गिरीश तिवारी ने बताया, “जब राजनाथ सिंह द्वारा इस गाँव को गोद लिए जाने की सूचना मिली तो एक बारगी लगा कि अब इस गाँव के भी अच्छे दिन आने वाले हैं पर ऐसा हुआ नहीं।”

उन्होंने आगे बताया, “छह दिसम्बर 2014 को गृहमंत्री को एक 23 सूत्री मांग पत्र भी भेजा गया था, जिसमें सरकारी अस्पताल, सरकारी पशु चिकित्सालय, महिला डिग्री कालेज, बारात घर, मिनी स्टेडियम, सिंचाई के लिए तीन सरकारी नलकूप, मिनी पावर हाउस समेत कई महत्वपूर्ण मांगे शामिल थीं पर कुछ हुआ नहीं। सुनने में आया था कि गृहमंत्री ने गाँव को एक सीएचसी दिया था पर क्षेत्र के पूर्व विधायक व मंत्री ने उसे दूसरे गाँव भिजवा दिया था।”

गाँव के रामलाल कहार ने बताया बताते हैं, “पहले तो 15-16 घण्टे बिजली आ रही थी पर अब महज 7-8 घण्टे ही बिजली आ रही है। आसपास के गाँवों में काफी कार्य हुए पर यहां पर न कोई अधिकारी ही झांकने आता है और न ही कोई नेता। गृहमंत्री के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी से मिल कर मांग की जाएगी कि वे उनकी बात को गृहमंत्री तक पहुंचाएं। गाँव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले सम्पर्क मार्ग भी नही हैं और सिंचाई के लिए भी कोई साधन नहीं है। गाँव के हीरालाल रावत ने बताया, “गाँव के लिए तीन नलकूप मांगे गये थे ताकि सिंचाई का कार्य प्रभावित न हो पर मिला सिर्फ एक ही। लिहाजा सिंचाई के लिए पानी मिलना बहुत बड़ी समस्या है।”

क्या कहते हैं प्रधान

गाँव के वर्तमान प्रधान विकास साहू से जब गाँव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “हां यहां पर काफी सुधार की जरूरत है पर अभी तक तो कोई सुनता ही नहीं था पर अब प्रदेश में सरकार बदलने से उम्मीद जगी है कि हमारी भी सुनवाई होगी। जल्द ही गृहमंत्री राजनाथ सिंह के प्रतिनिधी दिवाकर त्रिपाठी से मिलकर उन्हे मांग पत्र सौंपा जाएगा।

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