इलाहाबाद में भारतीय किसान यूनियन ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, चिंतन शिविर में 11 प्रस्ताव पास

इलाहाबाद में भारतीय किसान यूनियन ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, चिंतन शिविर में 11 प्रस्ताव पासइलाहाबाद में संगम तट पर चिन्तन शिविर शामिल किसान। फोटो- साभार

इलाहाबाद। भारतीय किसान यूनियन की तरफ से इलाहाबाद में आयोजित चिन्तन शिविर में 11 प्रस्ताव पास किए गए हैं। इसमें किसानों को लाभकारी मूल्य देने, बुंदेलखंड में पलायन, किसानों की बढ़ती आत्महत्या समेत कई अहम मुद्दों को शामिल किया गया है। ये शिविर 16 से लकर 18 जनवरी तक चला।

चिन्तन शिविर में यूपी, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और उत्तराखंड के किसानों ने भाग लिया। माघ मेला के परेड ग्राउंड में तीन दिन चले इस शिविर में पारित प्रस्तावों को केंद्र और राज्य सरकारों को भेजा जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी है अगर जल्द इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

चिन्तन शिविर में ये प्रस्ताव हुए पास

1.स्वामीनाथन आयोग की सिफारिसों को अविलम्ब लागू किया जाए।

2. देश में बढ़ रही किसानों की आत्महत्याओं को रोकने हेतु किसानों का कर्जा पूर्णतः माफ किया जाए, कृषि संकट को देखते हुए किसानों को 5 वर्ष के लिए ब्याजमुक्त कर्ज़ दिया जाए।

3. नोटबंदी से फल, सब्जी उत्पादक किसानों को भारी नुकसान हुआ है, काफी किसानों द्वारा समय से बुआई पैसे की कमी के कारण नहीं की गयी हैं, जिससे किसानों का उत्पादन प्रभावित होगा। किसानों के नुकसान की भरपाई हेतु प्रत्येक किसान को प्रति एकड़़ दस हजार रूपये का मुआवजा दिया जाए।

4.सहकारी बैंकों पर लगाई गयी तमाम तरह की रोक अवलिम्ब हटाई जाएं।

5. किसानों के खाते में फसलों की बिक्री से आने वाले पैसों को निकालने हेतु लगाई गयी लिमिट को हटाया जाए।

6. देश के विभिन्न राज्यों विशेषकर उ.प्र. में धान खरीद नहीं हो पा रही है, जिससे किसानों को बिचौलियों के हाथों 900 से 1000 रुपये कुन्तल बेचने को विवश होना पड़ रहा है किसानों की फसलों को समर्थन मूल्य पर प्राथमिकता देकर करवाई जाए।

7. भारत सरकार द्वारा हाल ही में गेहूं व आलू से आयात शुल्क हटाये जाने का फैसला किसान विरोधी है, जिसका खामियाजा पाम आयल व रॉ शुगर के आयात के कारण किसान भुगत रहे हैं। सभी तरह के कृषि आयात समझौते रद्द किये जाएं।

8. किसानों को पैन कार्ड अनिवार्य किये जाने व बटाई पर जमीन देने वाले किसानों को G.S.T की श्रेणी में जाने वाले फैसले को रद्द किया जाए।

9. जंगली जानवरों द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने हेतु ठोस नीति अमल में लाई जाए।

10. फसल बीमा योजना में कर्जदार किसानों पर अनिवार्य किया जाना किसान विरोधी कदम है। फसल बीमा योजना में किसान को इकाई मानते हुए स्वैच्छिक आधार पर लागू किया जाए।

11. बुन्देलखण्ड के किसानों के लिए अलग से कृषि नीति बनाते हुए अविलम्ब भोजन, पानी एवं पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की जाए।

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