गाँव चौपाल

बाराबंकी में सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए दूसरे दिन भी चला अभियान

बाराबंकी। राजधानी से सटे बाराबंकी जिले में जिला प्रशासन का सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने का अधियान दूसरे दिन भी जारी रहा। बृहस्पतिवार को राजस्व गांव की सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों और अतिक्रमण के विरुद्ध सभी तहसीलों में अभियान चलाया गया। राजस्व गांव की सार्वजनिक भूमि से अवैध कब्जे और अतिक्रमण हटाते हुए जनपद में कुल 49 प्रकरणों में 17.134 हेक्टेयर भूमि अवैध कब्जे से मुक्त करायी गयी।

अभियान के दौरान विभिन्न विभागों के उपयोग हेतु पुनर्ग्रहण करके उन्ह सौंपी गयी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को भी हटाया गया। गौरतलब है कि अभियान के पहले दिन कल 12 अप्रैल को कुल 23 हेक्टेयर भूमि अवैध कब्जे से खाली करायी गयी थी।

प्रशासन और पुलिस के सीनियर अधिकारियों की मौजूदगी में कराई गई जमीन कब्जा मुक्त।

जिलाधिकारी के निर्देश पर धारा 132 से सम्बन्धित राजस्व गांवों की सार्वजनिक भूमि और धारा 117 के तहत पुनर्ग्रहण की हुई भूमि पर से अवैध कब्जों और अतिक्रमण को हटाने का अभियान 12 अप्रैल, 2017 से चलाया जा रहा है। यह अभियान आगामी 20 अप्रैल, 2017 तक चलेगा। प्रत्येक दिन अवैध कब्जे से मुक्त करायी गयी भूमि के सम्बन्ध में रिपोर्ट सम्बन्धित तहसीलदार द्वारा अपर जिलाधिकारी को उपलब्ध करायी जा रही है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया था कि गांव सभा की भूमि यथा चरागाह, खलिहान सहित अन्य सार्वजनिक भूमि पर हुए अवैध कब्जे के विरुद्ध सभी तहसीलों में सघन और प्रभावी ढ़ग से अभियान संचालित किया जाये। गांव सभा की अवैध कब्जे से खाली करायी गयी भूमि को जरूरतअनुसार पात्र व्यक्तियों को पट्टा आवंटन किया जा सकेगा। अवैध कब्जे अथवा अतिक्रमण को हटाकर खाली करायी गयी भूमि का हर तहसील में एक लैण्ड बैंक बनाया जायेगा। चरागाह की श्रेणी में आने वाली भूमि को अवैध कब्जे से हटाकर वहॉ पर डीएफओ के माध्यम से पौधारोपण कराया जायेगा।

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार अवैध कब्जे अथवा अतिक्रमण को हटाने से पूर्व और हटाने की कार्यवाही के बाद दो बार फोटोग्राफी करायी जा रही है। अवैध कब्जो को खाली कराने के बाद फोटोग्राफी सहित पूरा विवरण थानों और तहसीलों में सुरक्षित रहेगा। इन भूमि पर पुनः अतिक्रमण होने अथवा अवैध कब्जा होने पर थानाध्यक्ष का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा। थानाध्यक्ष पूरी कड़ाई से यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी भूमि पर दोबारा अवैध कब्जा अथवा अतिक्रमण न हो सके।

जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को यह भी निर्देश दिया है कि अवैध कब्जों को हटाने के अभियान के दौरान अवैध कब्जों या अतिक्रमण से सम्बन्धित मुख्यमंत्री, शासन, जिलाधिकारी जनता दर्शन एवं उच्च स्तर से प्राप्त अन्य सन्दर्भो का भी निस्तारण प्रभावी ढ़ग से सुनिश्चित कराया जायेगा।

सार्वजनिक भूमि पर हुए अवैध कब्जो एवं अतिक्रमण को हटाने के लिए संचालित अभियान के दौरान यदि बड़े स्तर पर भूमि पर से अवैध कब्जा हटाया जाता है तो ऐसी भूमि की फेसिंग करायी जायेगी, जिससे उस पर दोबारा अतिक्रमण न किया जा सके।

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