जान जोखिम में डालकर पुल से निकलते हैं ग्रामीण

जान जोखिम में डालकर पुल से निकलते हैं ग्रामीणबांस के बने पुल पर निकलने वालों की हिम्मत कितनी बुलंद होगी।

आलोक मिश्रा, स्वयं कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

सीतापुर। यह तस्वीर देखकर आपको अंदाज़ा हो जाएगा कि इस बांस के बने पुल पर निकलने वालों की हिम्मत कितनी बुलंद होगी।

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सीतापुर जनपद से 62 किलो मीटर दूर सकरन विकास खंड के पड़रिया और बेलवा गाँव के बीच बना पुल झूठे विकास के दावों का गवाह है। केवानी नदी के ऊपर बना हुआ यह बांस का पुल जिसपर प्रतिदिन सैंकड़ों लोगों का आवागमन होता है। यह पुल बरियारी, ताजपुर, लालूपुरवा, पड़रिया, कोठार, बेलवा, बसैया सहित करीब 12 गाँवों को जोड़ता है।

अभी तक बांस के पुल पर ही जान जोखिम में डालकर लोग निकलते हैं। ग्रामीण राम लखन (39 वर्ष) बताते हैं, “इस नदी की गहराई बहुत ज्यादा है इतना ही नहीं कई लोग इसमें गिरकर घायल भी हो चुके हैं।

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