लखनऊ में ढाई लाख परिवारों को ही बांटे जाएंगे कूड़ेदान
Deepanshu Mishra 19 April 2017 8:20 PM GMT

लखनऊ। नगर निगम द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर को दो-दो कूड़ेदान बांटने की योजना तैयार थी। मगर बजट की कमी की वजह से अब सिर्फ ढाई लाख परिवारों को ही कूड़ादान बांटे जाने की तैयारी की जा रही है।
शहर में कूड़ेदान बांटने के लिए कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत फंड जुटाया जाना था, लेकिन दो महीने बाद भी फंड जुटाने में कामयाब नहीं हो सके। इस कारण नगर निगम अब एलआईजी, ईडब्ल्यूएस, डूडा और दूसरी योजनाओं के तहत कम आय वर्ग वाले सिर्फ 2.5 लाख परिवारों को ही कूड़ेदान देगा।
इस बारे में नगर निगम पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने बताया, ''नगर निगम के प्रस्ताव के तहत हर घर में दो डस्टबिन दिए जाने हैं। हरे कूड़ादान में गीला कचरा रखा जाएगा, ताकि इसे कम्पोस्ट में बदला जा सके। इसी तरह नीले डस्टबिन में सूखा कचरा रखा जाएगा।''
उन्होंने आगे बताया, ''स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 5 जून से घरों में सूखे-गीले कूड़े की छंटाई शुरू होनी है। इसके लिए शहर के लगभग छह लाख घरों में डस्टबिन बांटने की योजना थी, लेकिन नगर निगम के अफसर कहीं से भी फंड नहीं जुटा सके। अब इस योजना में बदलाव किया गया है, अब केवल ढाई लाख लोगों को कूड़ादान बाटा जायेगा बाकि साढ़े तीन लाख लोगों को कूड़ादान खुद से ही खरीदने पड़ेंगे।''
''नगर निगम ने पहले सभी घरों में डस्टबिन प्रस्ताव तैयार है। इसे शासन को भेजा जाएगा। बीपीएल, अल्प आय वर्ग वाले ढाई लाख लोगों को ही डस्टबिन दिए जाएंगे। इसके लिए नगर विकास विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।'' पंकज भूषण ने बताया।
शहर के लगभग छह लाख घरों में कूड़ादान बांटने की योजना थी, लेकिन नगर निगम के अफसर फंड जुटा नहीं सके हैं। इसलिए योजना में थोड़ा बदलाव किया गया है। अब यह कूड़ेदान ढाई लाख परिवारों को ही बांटे जाएंगे, शेष परिवारों को अपने पैसों से ही कूड़ादान लेना होगा।पंकज भूषण, पर्यावरण अभियंता, लखनऊ नगर निगम
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