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काश इस गांव जैसा देश का हर गांव होता,  सुविधाओं की लिस्ट देखकर आप भी कहेंगे वाह

गाँव कनेक्शनगाँव कनेक्शन   24 April 2018 11:54 AM GMT

काश इस गांव जैसा देश का हर गांव होता,  सुविधाओं की लिस्ट देखकर आप भी कहेंगे वाहपूर्व युवा सरपंच हिमांशु पटेल ने सरकारी योजनाओं का गाँव के ग्रामीणों को दिलाया लाभ।

आइये आपको इस गाँव के बारे में कई रोचक बातें तो बताते ही हैं और साथ ही यह भी बताते हैं कि आखिर क्यों देश का यह गाँव सभी गाँवों के लिए एक आदर्श गाँव है।

भारत में गाँवों की स्थिति से आप अंजान नहीं होंगे। देश के अधिकतर गाँव में आप गरीबी, अशिक्षा, गदंगी, बिजली, पानी जैसी समस्याएं देखते और सुनते आए होंगे। अभी भी ऐसे कई गाँव हैं, जहां आज तक बिजली नहीं पहुंच सकी है।

सड़कें खस्ताहाल हैं। किसानों को कृषि संबंधी सुविधाएं नहीं हैं। देश के गाँवों का ऐसा चेहरा आपने जरूर देखा होगा। मगर आज हम आपको एक ऐसे गाँव के बारे में बता रहे हैं, जो देश के सात लाख गाँवों के लिए एक आदर्श गाँव है। शायद यह भी कहना गलत नहीं होगा कि यह गाँव सुविधाओं के स्तर पर शहरों को भी मात दे सकता है। आइये आपको इस गाँव के बारे में कई रोचक बातें तो बताते ही हैं और साथ ही यह भी बताते हैं कि आखिर क्यों देश का यह गाँव सभी गाँवों के लिए एक आदर्श गाँव है।

इस गाँव का नाम है पुंसरी

इस गाँव का नाम पुंसरी है और यह गुजरात के साबरकांठा जिले में है। आपको जानकर हैरानी होगी कि वर्ष 2006 में 6,000 की आबादी वाले इस गाँव में ग्रामीणों के लिए सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं था। मगर आज पुंसरी गाँव में ग्रामीणों के लिए बहुत सी सुविधाएं हैं।

पुंसरी गाँव की सुविधाओं पर डालिए नजर

वाई-फाई: पूरा पुंसरी गाँव वाई-फाई से लैस है। यानी इस गाँव के ग्रामीण इंटरनेट की सुविधा का लाभ उठाते हैं। पुंसरी ग्राम पंचायत भी पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड है। गाँव के युवा समय के साथ कदम मिला सकें, इसके लिए नाममात्र का धन खर्च कर पंजीकरण करवाकर युवा इंटरनेट की सुविधा ले सकते हैं।

कम्यूनिटी रेडियो: गाँव में जगह-जगह स्पीकर लगे हैं। ऐसे में अगर सरपंच को गाँव के लिए कोई आवश्यक सूचना देना होती है या घोषणा करनी होती है तो यह स्पीकर ही माध्यम बनते हैं। इन स्पीकर के जरिये भजन भी ग्रामीणों को सुनाए जाते हैं। गाँव में कुछ 120 स्पीकर लगे हैं।

बस सेवा: इस गाँव में अटल एक्सप्रेस नाम की बस सेवा भी मौजूद है। इस गाँव में पक्की सड़कें है। ग्रामीणों के लिए खासकर महिलाओं के लिए यह बस सेवा की सुविधा दी गई है। साथ ही बच्चों के लिए भी स्कूल जाने के लिए बस की व्यवस्था की गई है।

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सीसीटीवी: इस गाँव में जगह-जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इस गाँव में पांच स्कूल भी बने हुए हैं, जहां सभी कक्षाओं में एसी लगे हुए हैं। साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। माता-पिता घर से बैठे-बैठे देख सकते हैं कि उनके बच्चे स्कूल में क्या कर रहे हैं।

इको फ्रेंडली इलेक्ट्रिसिटी: पंचायत ने इको फ्रेंडली बिजली पैदा करने के लिए बायो इलेक्ट्रिसिटी प्लांट लगाने की तैयारी में है। ऐसे में गाँव के 1200 घरों में लगभग 250 घरों को बिजली मिलेगी। राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी है।

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मिनरल वॉटर: इस गाँव में ग्रामीणों को मिनरल वॉटर की सुविधा मिलती है। यानी पूरे गाँव में पीने के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था करने के लिए आरओ प्लांट लगाया गया है। इस प्लांट से पानी को शुद्ध कर घर-घर सप्लाई किया जाता है। गाँव के हरेक परिवार को सिर्फ 4 रुपये में 20 लीटर मिनरल वॉटर की सुविधा मिलती है। ग्राम पंचायत की तरफ से घर-घर पानी पहुंचाने के लिए गाड़ियों की व्यवस्था की गई है।

इस तरह गांव में पहुंचता है साफ पीने वाला पानी।

स्वच्छता व्यवस्था: गाँव में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके ग्राम पंचायत ने कई सराहनीय प्रयास किये हैं। पंचायत के कर्मी घर-घर जाकर कचरा एकत्र करते हैं और फिर जमा हुए कचरे को गाँव की सीमा के निकट उचित व्यवस्था की गई है। वहीं, पुसंरी गाँव के ग्रामीण भी जगह-जगह कचरा नहीं फैलाते हैं और स्वच्छता के प्रति जागरूक हैं। ऐसे में ग्रामीणों का भी पूरा सहयोग मिलता है। यही कारण है कि यह गाँव में स्वच्छता के स्तर पर भी अव्वल है।

पुस्तकालय: गाँव में ग्राम पंचायत ने एक ऐसी गाड़ी की व्यवस्था की है, जिसमें सिर्फ किताबें होती है। यानी की चलता-फिरता पुस्तकालय। सैकड़ों पुस्तकों को लिए यह वाहन गाँव में निश्चित समय में जगह-जगह पहुंचता है। ऐसे में पुरुष, महिलाएं, बच्चे सभी किताबें पढ़ सकते हैं।

एलईडी मार्ग प्रकाश व्यवस्था: इस गाँव में पंचायत ने एलईडी स्ट्रीट लाइट लगवाने की भी तैयारी कर ली है। पूरे गाँव में 450 एलईडी लाइट लगाई जानी हैं। ऐसे में बिजली का बिल भी गाँव में आधा हो जाएगा।

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ऐसे हुआ यह कमाल

पूर्व सरपंच हिमांशु पटेल

गाँव को इतनी सुविधाएं देने का काम किया है इस गाँव के पूर्व युवा सरपंच हिमांशु पटेल ने। एक तरफ जहां केंद्र सरकार, वहीं राज्य सरकार भी योजनाओं के जरिये गाँव के विकास के लिए ग्राम पंचायत को तीन से पांच करोड़ रुपये मिलते हैं। मगर कई ग्राम पंचायते ऐसी हैं, जो इन योजनाओं के धन का सही उपयोग नहीं कर पाते हैं।

मगर पूर्व युवा सरपंच हिमांशु पटेल ने सरकार की सभी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाया। यही कारण है कि इस गाँव में ग्रामीण विकास में रुचि रखने वाली एजेंसियों का आना-जाना बढ़ गया है। इन्हीं सुविधाओं की वजह से यह गाँव देश के सात लाख गाँवों के लिए आदर्श गाँव बन गया है। यही कारण है कि इस गाँव को देश के सर्वश्रेष्ठ और सम्मानित गाँव का दर्जा प्राप्त है।

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