सार्वजनिक नाला पाटने से ग्रामीणों में आक्रोश

सार्वजनिक नाला पाटने से ग्रामीणों में आक्रोशसार्वजानिक नाले को पाटने से ग्रामीणों में रोष है।

दिलीप पांडेय, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

सिद्धार्थनगर। ढेबरूवा थाना क्षेत्र के मधवानगर गाँव के पूरब सीवान का सार्वजनिक नाला और कुम्हारों के लिए मिट्टी निकालने की आरक्षित जमीन को पाट लेने से ग्रामीण आक्रोशित हैं। प्रधान सहित लोगों ने थाने व तहसील पर लिखित शिकायत करते हुये शासन प्रशासन को शिकायती पत्र भेजा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव के ही दबंगों ने लेखपाल की मिलीभगत से ये काम किया है। गाँव के दुर्गेश (30 वर्ष) ने बताया, “ लेखपाल की मिलीभगत से नाला पाटा गया।

गाँव से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एप

कुम्हारों के जमीन को जोतकर कब्जा किया गया है। नाला पटने से बारिश के समय गाँव सहित दक्षिण के मकानों, डिहवा, ब्लाक के निचले घरों में पानी घुसकर यह क्षेत्र पूरा जलमग्न हो जायेगा।” वहीं, मधवानगर के मोहन चौधरी (30 वर्ष) ने कहा, “नाला कब्जा के पाँच दिन पहले दोपहर में लेखपाल महेन्द्र शाहन, मुबारक, फजलू आदि की मौजूदगी में लेखपाल ने नाले व कुम्हारों की जमीन को नापकर मुबारक के जमीन में बताया था।”

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Top