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लखनऊ के सरकारी स्कूलों के बच्चे टाट-पट्टी पर ठिठुरते हुए पढ़ाई को मजबूर

लखनऊ के सरकारी स्कूलों के बच्चे टाट-पट्टी पर ठिठुरते हुए पढ़ाई को मजबूरलखनऊ के मामपुर बाना में स्कूल जाते बच्चे।

अश्वनी दि्वदेदी

बीकेटी (लखनऊ)। पिछले कई दिनों से यूपी समेत पूरे उत्तर भारत में शीतलहर चल रही है। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। लखनऊ में भी न्यूनतम तापमान 10 डिग्री का आंकड़ा छू चुका है लेकिन जिले के सरकारी स्कूलों में छुट्टियां नहीं की गई हैं। परिषदीय स्कूलों में बच्चे बिना गर्म कपड़ों को कड़कड़ाती ठंड में स्कूल आने को मजबूर हैं।

यूपी के ज्यादातर जिलों में ठंड को देखते हुए सरकारी स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं लेकिन लखनऊ में अब तक कोई ऐसा आदेश नहीं आया है जिसके चलते कक्षा 1 से लकर आठ तक स्कूल लगातार खुल रहे हैं। शुक्रवार घने कोहरे के बीच बक्शी का तालाब तहसील के मामपुर बाना गांव में गांव कनेक्शऩ संवाददाता को 9 बच्चे सिर्फ ड्रेस और चप्पलों में स्कूल जाते मिले। इन नौ बच्चों में से सिर्फ एक ने स्वेटर पहन रखा था। जबकि स्कूल पहुंचने पर कई दर्जन बच्चे जमीन पर बिछी टाट-पट्टी पर कांपते और ठिठुरते हुए पढ़ते मिले। पूछने पर एक छात्र करन ने बताया, “मेरे पास सिर्फ एक स्कूल ड्रेस है जिसे पूर साल पहनता हूं, घर में इतने पैसे नहीं है कि स्वटेर और जूते खरीद सकें।” सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले ज्यादातर छात्र गरीब घरों के होते हैं। ऐसे में इस सर्दी में स्कूल न बंद होने पर अभिभावक परेशान तो हैं लेकिन मजबूरी में वो बच्चों को भेज रहे हैं।

बीकेटी ब्लॉक में 220 प्राथमिक, 83 जूनियर और 3 एडेड विद्यालय हैं। शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों हालात ज्यादा बदतर हैं। गोमती की तराई में बसे जमखनवा, दुघरा, अकडरिया कलां, लाशा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर मांझी समेत सैकड़ों गांवों में कमोबेश ऐसे ही हालात हैं।

ठंड को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में जिला प्रशासन ने स्कूल बंद कर दिए हैं, लेकिन लखनऊ में अभी तक कोई ऐसा आदेश नहीं किया गया है। बीकेटी के खंड शिक्षा अधिकारी अजय विक्रम सिंह ने बताया, “वास्तव में बच्चों को ठण्ड के कारण असुविधा हो रही है। परिषदीय स्कूलों में अधिकांश बच्चे गरीब परिवारों से हैं और इन बच्चों के पास न तो गर्म कपडे है न ही जूते मोज़े लेकिन कोई आदेश नहीं आया है इसलिए स्कूल बंद नहीं किए गए हैं।”

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