Read latest updates about "गांव कनेक्शन विशेष" - Page 1

  • आराम से बैठिए, टाइम बम फटने को है

    60 करोड़ भारत के लोग जबरदस्त जल संकट से जूझ रहे हैं02 लाख लोग हर साल साफ पीने का पानी उपलब्ध न होने से जान गंवा रहे70% भारत में पेयजल दूषितवर्ष 2020 तक दिल्ली और बंगलुरू जैसे 21 बड़े शहरों से भूजल हो जाएगा गायबविश्व की 18 प्रतिशत जनसंख्या भारत में, जबकि महज 4 प्रतिशत ही उपयोग लायक पानी के...

  • किसान व्यथा: मत पढ़िएगा, इसमें कुछ भी नया नहीं है

    अरविंद शुक्ला/मिथिलेश दुबेलखनऊ। Loksabha Election 2019 के पहले चरण का मतदान हो चुका है। चुनावी सभाओं में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी खूब चल रहा है। घोषणा पत्रों में किसानों को इस बार भी केंद्र में रखा गया है, पिछली बार भी रखा गया था। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करती रही, लेकिन सच्चाई...

  • महिला सुरक्षा: घोषणा पत्र में जगह लेकिन कितनी कारगर योजनाएं?

    लखनऊ। लोकसभा (Loksabha Election 2019) के लिए होने वाले आम चुनावों के मद्देनज़र जारी हुए घोषणा पत्रों में महिलाओं के लिए बहुत सी योजनाओं का ज़िक्र है। सत्ताधारी दल भाजपा हो या मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस दोनों के ही घोषणा पत्रों में महिलाओं के मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है। दोनों ही दलों ने...

  • देश में गरीब गिनने के बजाय बालाकोट में आतंकी गिने जा रहे हैं: योगेन्द्र यादव

    लखनऊ। 'फरवरी तक ऐसा लग रहा था कि इस बार के चुनावों में गाँव, गरीब और किसान हावी रहेंगे। लेकिन लोकसभा चुनाव नजदीक आते-आते मुद्दे ऐसे बदले जैसे एक्जाम से पहले सिलेबस बदल दिया गया हो,' गाँव कनेक्शन से विशेष बातचीत में स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेन्द्र यादव ने कहा। गाँव कनेक्शन से विशेष बातचीत में...

  • पढ़िए बुंदेलखंड की महिलाओं की अनकही कहानियां...

    भाग 4: शादी करने की सलाह देने से लेकर शादी नहीं कर खुश रहने की प्रेरणा देने तक, अपने इस सफर में हम तमाम उन औरतों से मिले जो हर रोज़ अपने लिए, बच्चों और परिवार के लिए लड़ रही हैं। उनकी ज़िन्दगी नहीं बदलती लेकिन इसे बदलने के लिए वो हर दिन छोटी-छोटी कोशिशें जरूर कर रही हैं। चित्रकूट, सतना,...

  • चुनाव की ये रिपोर्टिंग थोड़ी अलग है, जब गांव की एक युवती बनी रिपोर्टर

    नयनतारा, कम्युनिटी जर्नलिस्ट पलामु (झारखंड)। 'मेरे गांव में पीने के पानी, खेत में सिंचाई के लिए बोरिंग या कुएं की व्यवस्था हो जाए। और पति को गांव में रोजगार मिलने लगे। बस मुझे सरकार ये यही चाहिए।' सुप्रिया देवी कहती हैं। सुप्रिया, झारखंड के सबसे पिछड़े इलाके पलामु जिले के पिपराखुद गांव की रहने...

  • किसानों की आत्महत्या, न चुनाव में चर्चा न पार्टियों को चिंता

    लखनऊ। लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के ठीक एक दिन पहले उत्तराखंड में एक किसान ने आत्महत्या कर ली, जबकि इसी हफ्ते से पहले महाराष्ट्र में 2 किसानों ने जान दी। महाराष्ट्र किसानों की कब्रगाह बनता जा रहा है, यहां पर औसतन आठ किसान हर रोज मौत को गले लगा रहे हैं। जबकि देश में ये औसत करीब 33 किसान का...

  • 'देश में औसत बारिश का अनुमान हमारे काम नहीं आता'

    बारिश के पूर्वानुमान आने शुरू हो गए हैं। एक गैरसरकारी विशेषज्ञ एजेंसी स्काईमेट का अनुमान है कि इस साल बारिश कम होगी। जबकि गुजरे साल में भी पानी कम गिरा था। इस समय आधा देश सूखे की चपेट में बताया जा रहा है।वैसे तो कुदरत से मिलने वाले जल के मामले में हमारी गिनती जल संपन्न देशों में हैं। लेकिन हम उन...

  • "यहां गाँव में केवल बूढ़े और घरों पर ताले बचे हैं"

    'यहां कई लोग ऐसे हैं जिनकी मां की मौत हो गई लेकिन वो अन्तिम संस्कार में तक नहीं आ पाए। यहां गाँव में केवल बूढ़े और घरों पर ताले बचे हैं।' अतर्रा, बांदा (उत्तर प्रदेश)। बांदा जिले के खुरहंड गाँव के एक नए बन रहे स्कूल में बैठ कर उमाशंकर पाण्डेय ये बताते हैं। वो बांदा जिले में चावल की मिलों के...

  • सलीम ख़ान: मुझे लगता है मैंने उम्मीद से ज़्यादा पाया है

    सलीम ख़ान बॉलीवुड के जाने माने फिल्म राइटर हैं, जिन्होंने 70 और 80 के दशक की कई मशहूर फिल्में लिखीं। इन फिल्मों में शोले, डॉन, दोस्ताना, त्रिशूल और मिस्टर इंडिया शामिल हैं। हाल ही में मशहूर स्टोरीटेलर नीलेश मिसरा की इंटरव्यू सीरीज़ 'द स्लो इंटरव्यू विद नीलेश मिसरा' में सलीम ख़ान मेहमान बनकर पहुंचे।...

  • "कॉलेस्ट्रोल नियंत्रित कर आप हार्ट अटैक के रिस्क से बच सकते हैं"

    लखनऊ। उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर में कई बीमारियां घर कर लेती हैं। कॉलेस्ट्रोल और उच्च रक्तचाप इनमें बहुत सामान्य हैं। गाँव कनेक्शन से कॉलेस्ट्रोल के बारे में बात करते हुए हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर विवेक अग्रवाल बताते हैं कि, 'हृदय की परेशानियों के पीछे कॉलेस्ट्रोल का बढ़ना मुख्य वजह है।' वो...

  • वृद्धा और विधवा पेंशन: लाखों लोगों को लेकिन इन औरतों को क्यों नहीं?

    मह्कोना, सतना (मध्यप्रदेश)।'हमें कबहूं नईं मिली पेंशन। 12 साल हो गए पति को मरे लेकिन अब तक हमें न वृद्धा पेंशन मिली न ही विधवा पेंशन,' - श्यामकली। मध्यप्रदेश राज्य के सतना शहर से 20 किलोमीटर दूर मह्कोना गाँव में रहने वालीं श्यामकली बताती हैं कि उनके गाँव में बहुत ही कम लोगों को वृद्धा या विधवा...

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