कांशीराम के साथ काम कर चुके लोग मायावती से खफा, सुनिये उनकी जुबानी

कांशीराम के साथ काम कर चुके लोग मायावती से खफा, सुनिये उनकी जुबानीmayawati rally

बसंत कुमार

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती रविवार को महान दलित नेता और बसपा संस्थापक कांशीराम की 10वीं पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी के कांशीराम स्मारक स्थल पर रैली कर शक्ति प्रदर्शन किया। इस मौके पर मायावती ने भले ही पार्टी के संस्थापक को याद किया, लेकिन कांशीराम के साथ काम कर चुके लोगों का मानना है कि मायावती कांशीराम के आन्दोलन और मिशन को भूल गयी है। आज मायावती दलित की बेटी ना होकर दौलत की बेटी बन गयी है।

बोले, पैसे वालों को दे रही हैं टिकट

बलिया के रहने वाले अधिवक्ता राम सरिक ने बताया कि पहली बार कांशीराम जी को बलिया लाने का काम मैंने ही किया था। पार्टी के शुरूआती दिनों के छह साल तक पार्टी कार्यालय मेरे अपने मकान में रहा। धीरे-धीरे पार्टी पर पैसे वालों का कब्जा होता गया और आज मायावती दलित की बेटी ना होकर दौलत की बेटी बन गयी है। आज पार्टी में दलितों-गरीबों को कोई नहीं पूछने वाला। मायावती जी पैसे वालों को टिकेट दे रही हैं। राम सरिक कहते हैं कि बहुजन हिताय के नाम से शुरू हुई पार्टी को मायावती जी सर्वजन हिताय तक लेकर चली गयी हैं। आज बसपा में शोषण करने वाला और शोषित होने वाला सब साथ है। अगर मायावती जी को सर्वजन हित का इतना ही मान है तो अलग पार्टी बना लें। आज अपनी ही पार्टी को खराब स्थिति में देखकर मन रोता है।

लोगों को भूल गईं हैं मायावती

ऐसा ही कुछ कहना था दिल्ली में कांशीराम के साथ काम कर चुके बिरजू राम का। बिरजू बताते हैं कि कांशीराम से उनकी मुलाकात दिल्ली के आजादपुर मंडी में हुई, तब बिरजू वहां बड़े स्तर पर सेब बेचने का काम किया करते थे। चौन्द्ली के रहने वाले बिरजू बताते हैं कि मायावती आज कांशीराम जी के साथ के लोगों को भूल गयी हैं। पार्टी में पैसे वालों का बोलबाला है। ऐसे ही कुछ लोगों से गाँव कनेक्शन ने बातचीत की, जो कांशीराम के साथ काम कर चुके हैं।

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