इस तरह आप खुद जान सकेंगे सब्जियों और दूध से लेकर खाने में मिलावट है कि नहीं- डॉ. धवन

आप के लिए अच्छी खबर है बहुत जल्द ही आप खुद से पता लगा सकेंगें कि खाने में प्रयोग होने वाले तेल, मिर्च, हल्दी, घी, शहद और तमाम चीजों मिलावट है या नहीं।

लखनऊ। कितना अच्छा हो कि आसानी से जान पाएं हम जो खाना खा रहे हैं वो शुद्ध है कि नहीं? कहीं उसमें कोई मिलावट दो नहीं। मिलावट करने वाले लोग इस तरह से मिलावट करते हैं कि आसानी से उसे पकड़ना मुश्किल हो जाता है। लेकिन तकनीकी ने ये काम आसान कर दिया है। आप के लिए अच्छी खबर है बहुत जल्द ही आप खुद से पता लगा सकेंगें कि खाने में प्रयोग होने वाले तेल, मिर्च, हल्दी, घी, शहद और तमाम चीजों में मिलावट है या नहीं।

भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान के निदेशक प्रो. आलोक धवन ने गाँव कनेक्शन को बताया, "वैज्ञानिकों तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने एक मिशन तैयार किया है, जिसका नाम 'फ़ूड एंड कंज्यूमर सेफ्टी सल्यूशन' है। इस मिशन की खूबी यह है कि इसमें कई तरह की तकनीकियों पर काम किया जा रहा है। इसमें कई संस्थान मिलकर काम करेंगे और भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर) इसके नोडल इंस्टीट्यूट के रूप में काम करेगा।"

"इसमें हम कई चीजों पर ध्यान देंगे। गाँव में जो खेती होती है उसमें आपने सब्जी या फल जो भी उगाते हैं वो सभी बहुत जल्दी खराब होने लगते हैं, जिसे बचाने के लिए किसान भाई को तुरंत मंडी भागना पड़ता है। इस मिशन में हम ऐसी तकनीकि विकसित कर रहे हैं, जिसमें वह अपनी सब्जी को खेतों पर कुछ समय तक सही रख सकेगा। किसान को जब अच्छे दाम मार्केट से मिले तब वह अपनी सब्जी या फल बेचे। इसी तरह हम लोग दुध पर भी कार्य कर रहे हैं। मार्केट में मिलने वाले पैक फ्रूट जूस उन पर भी हम कम करेंगे ताकि हमारा उपभोक्ता सजग हों। अभी क्या होता है कि जिस कम्पनी का सामान होता है और कम्पनी हमें जो कुछ भी लिख कर दे देती है लोगों को उसे मानना पड़ता है। हम आपको ऐसी पावर देना चाहते हैं, जिससे कि आप पता लगा सकें कि उस समान पर जो लिखा है वह सही है या नहीं। इसी प्रकार तेल और घी पर भी हमारे वहां काम चल रहा है, "प्रो. धवन ने आगे बताया।

ये भी पढ़ें- हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों पर मौसम और सरकारी उदासीनता की मार

"इसके लिए हमने एक वेबसाइट बनाई है और धीरे-धीरे एक ऐप भी बना रहे हैं। हम कैसे जाने कि खाने का पदार्थ ठीक है या नहीं या फिर मसालों में रंग तो नहीं पड़ा है। इसके लिए हम तेजी से काम कर रहे हैं और बहुत जल्द जनता के बीच वह पहुंच जाएगा। दूध के लिए हम ने एक स्ट्रिप टाइप टेस्ट बना लिया है और सरसों के तेल के लिए भी हमने बना लिया है। इसी प्रकार हम कई चीजों के लिए बना रहे हैं। ऐप जिस पर काम चल रहा है कुछ प्रयोग हम उस पर भी डाल देंगे, जिससे आप आसानी से सही गलत का पता लगा सकेंगे। जैसे शहद, लाल मिर्च, हल्दी इन सब में होने वाली मिलावट को आसानी से पता कर सकेंगे, "प्रो. धवन ने बताया।

"सरसों के तेल में कई बार देखा गया है कि उसमें कई प्रकार का तेल और रंगों को मिला दिया जाता है। उसमें रंग की जांच करने के लिए हमने बहुत ही आसान तरीका बनाया है। स्ट्रिप जो हमारे द्वारा बनाई गई है उस पर तेल की एक बूंद डालेंगे उस स्ट्रिप पर रंग बदलने लगेगा। इसी प्रकार नकली या मिलावटी दूध की पहचान के लिए हमें एक स्ट्रिप बनाई है, इसके द्वारा हम तीन चीजे देख सकते हैं। यूरिया, बोरिक एसिड और साबुन या निरमा की मिलावट का पता आसानी से लगा सकते हैं।" प्रो. धवन ने बताया।

ये भी पढ़ें- वैज्ञानिकों ने विकसित की मटर की नई प्रजाति, इसकी खेती से मिलेगा ज्यादा उत्पादन

ये भी पढ़िए-स्ट्रिप पेपर के जरिये जांच सकेंगे दूध में मिलावट

Share it
Top