गांव से निकली कुरीतियों के खिलाफ आवाज़, देखिए वीडियो

गांव से निकली कुरीतियों के खिलाफ आवाज़, देखिए वीडियोसंजोली पाण्डेय।                                                                                     (क्रिएशन: कार्तिकेय उपाध्याय)

फैजाबाद। फैज़ाबाद के छोटे से गाँव रामपुर से निकली 23 वर्षीया संजोली पाण्डेय बताती हैं, “मैं उस जगह से हूँ, जहाँ लड़कियों को पढ़ाई करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। मगर मेरे माँ और पापा ने परिवार वालों और गांव वालों से छिपकर मुझे इस काबिल बनाया और अपना सब कुछ छोड़कर मेरे लिए शहर में बस गए।”

वह आगे बताती हैं “मैं समाज में फैली कुप्रथा पर गीत इसलिए गाती हूँ ताकि लोगों को जागरूक कर सकूं।” आज संजोली एक लोकगायिका के नाम से जानी जाती हैं। वह अपने लोकगीतों के माध्यम से समाज को जाग्रत करने का प्रयास कर रही हैं। भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, लड़कियों की शिक्षा, किसानों के लिए गाना गाना उसे पसंद है और वो खुद भी गीत लिखती हैं।

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