जुगाड़ का कमाल: पैर से चलती है धान अलग करने वाली ये मशीन

ये मशीन देखकर अंदाजा लगाइए भारतीय कितने जुगाड़ू, और ये भी कुछ मशीनें कैसे लोगों का काम आसान कर देती हैं।

भारतीय लोग कितने जुगाड़ लगाकर काम करते हैं इसका अंदाजा आपको कई बार उनके घर और खेतों पर नजर आ सकता है। वीडियो में जो मशीन दिखाई गई है, ये बड़े काम की है।

वीडियो में नजर आ रही महिलाएं झारखंड के एक ग्रामीण इलाके में धान की पिटाई कर रही हैं। मतलब कि पौधों से धान को अलग कर रही हैँ। फसल कटने के बाद किसानों के लिए धान अलग करने प्रक्रिया आसान नहीं होती। बड़े किसान कंबाइन मशीन से खेत में लगे-लगे फसल कटवा लेते हैं तो लघु और सीमांत किसान थ्रेसिंग कराते हैं। कई किसान खेत में पिटवा भी लेते हैं। लेकिन उससे काफी समय लगता है।

पैरों से चलने वाली वो मशीन, जिससे पौधों से धान अलग किए जाते हैं। फोटो-नीतू सिंहपैरों से चलने वाली वो मशीन, जिससे पौधों से धान अलग किए जाते हैं। फोटो-नीतू सिंह

झारखंड की ये महिलाएं इस मशीन पर धान का एक मुट्ठा (15-30 पौधे) उठाकर मशीन पर रखती हैं, घूम रही मशीन में फंसकर बालियों से धान अलग हो जाते हैं। ये मशीन किसी तरह की बिजली या इंजन से नहीं बल्कि पैरों से चलाई जा रही है।

महिलाएं पैरों से सिलाई मशीन की पैडल घुमाती रहती हैं और ऊपर घूमते ड्रम पर धान रखती हैं, जिससे धान कि पिटाई आसान हो जाती है। इस प्रक्रिया में काम तो तेजी से होता ही है साथ ही पुआव बिल्कुल खराब नहीं होता है, जो बाद कृषि के दूसरे कार्यों में आ जाता है। पशुओं के चारे से लेकर छप्पर छाने तक किसान इसका इस्तेमाल करते हैं।

धान को ओसाती झारखंड की महिलाएं। फोटो- नीतू सिंहधान को ओसाती झारखंड की महिलाएं। फोटो- नीतू सिंह

सौजन्य- गांव कनेक्शन टीवी

नीचे दिए गए वीडियो में भी धान निकाले जा रहे हैं, लेकिन ये पावर चचित है और ये झारखंड वाली मशीन की अपेक्षा बड़ी और पेट्रोल वाले इंजन से चलाई जा रही है। ये काफी तेजी से काम करती है, एक घंटे में काफी काम कर सकती है।

नोट- काफी किसान


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