गंदे नाले में तब्दील हो चुकी नदी को कर्ज लेकर बचा रहा है ये विधाय‍क

Mohit ShuklaMohit Shukla   9 July 2019 8:56 AM GMT

सीतापुर। यूपी के सीतापुर में बहने वाली सरायन नदी नाले में परिवर्तित हो चुकी है। इसे साफ करने का जिम्‍मा ए‍क विधायक ने उठाया है। इसके लिए उसने बैंक से कर्ज भी लिया है।

गंदे नाले के रूप में पहचान बना चुकी शहर से सटकर निकलती सरायन नदी को पुनर्जीवित करने का काम सदर विधायक राकेश राठौर कर रहे हैं। वह भी बिना किसी सरकारी योजना या बजट के इस काम में लग गए हैं।

नगर विधायक बताते हैं कि उन्हें याद है बचपन में वह अपने पिता के साथ नदी तट पर जाते थे तो पानी में उछलकूद करती मछलियां साफ दिखाई देती थीं। आबादी बढ़ी, नदी का अवैध तरीके से दोहन शुरू हुआ और वर्ष 2008 तक नदी नाले के रूप में परिवर्तित हो गई। वर्ष 2010 से तो इसकी पहचान नाले के रूप में हो गई।

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उन्‍होंने बताया कि नगर पालिका परिषद ने नदी स्थल को कूड़े का डंपिंग ग्राउंड बना दिया। ऐसे ही धीरे धीरे सरायन नदी से गंदे नाले में विलुप्त हो गई। जब मैं 2017 में विघायक बना तो मन में ख्याला आया क्यों न अपने बचपन की विरासत को संजोया जाये। इसको नष्ट होने से बचाया जाए, इसके लिए मैंने जिला प्रशासन से बात की ,लेकिन जिला प्रशासन इसके लिए कोई सकारात्मक कदम नहीं उठायें। उसके बाद हमने निजी मित्रों के सहयोग से इस नदी का कायाकल्प किया।

बैंक से लिया कर्ज...

राकेश राठौर बताते है कि जब जिला प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली तो बैंक से चालीस लाख रुपये लोन लेकर जेसीबी मंगवाई। जेसीबी की मदद से नदी की सफाई का काम आसान हो गया। अगर समय रहते पर्यावरण नहीं बचाया गया और पानी के साथ ऐसे ही खिलवाड़ किया गया तो आने वाला कल बहुत खराब होगा।

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बनेगा रिवर फ्रंट...

विधायक ने बताया कि नदी को पुनर्जीवित करने का काम 217 दिन से लगातार चल रहा है। शहर में यह नदी कुल सात किलोमीटर तक है जिसमें दो किलोमीटर का काम पूरा हो गया है, तीसरे किलोमीटर का काम चल रहा है। अब जल्द ही नदी के किनारे हरे पेड़ पौधे व इंटरलॉकिंग का काम शुरू होगा, जिससे लोगों को बैठने व सैर करने में आसानी रहे।

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