कानपुर के इन गांवों में नहीं हो रही है लड़कों की शादी, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

असलम खान, कम्युनिटी जर्नलिस्ट

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में कुछ गांव ऐसे हैं, जहां लड़कों की शादी नहीं हो पा रही है। यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन यही सच है। कानपुर के पनकी, पड़ाव, जमुई और सरायमिता गांव में गंदगी का अंबार इतना है कि लोग अपनी बेटियों की शादी इन गांवों के लड़कों के साथ नहीं करना चाहते हैं।

पनकी पड़ाव के रहने वाले हरिभान सिंह कहते हैं "कानपुर नगर निगम का सॉलिड वेस्टेज कूड़ा प्लांट यहां आने के बाद से इस इलाके का यह हाल हुआ है। पूरे शहर भर की गंदगी हमारे मत्थे मढ़ दी गई। कूड़ा प्लांट हमारे गांवों से सटा हुआ है। हमारा जीना दुर्गंध की वजह से मुहाल हो गया है और हम गंदी हवा अंदर लेने को मजबूर हैं।"

वह आगे बताते हैं कि हमारे गांव में शादी का रिश्ता लेकर कोई नहीं आता है। कोई आता भी है तो यह गंदगी और दुर्गंध देखकर वापस चला जाता है। हमारे गांव में अभी 60 लड़के ऐसे हैं जो शादी के उम्र के हैं, लेकिन उनकी शादी नहीं हो पा रही है।


शासन प्रशासन से लगा चुके हैं कई बार गुहार

कानपुर नगर निगम का सॉलिड वेस्टेज कूड़ा प्लांट से परेशान होकर वहां रहने वाले लोग शासन प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके हैं। लेकिन अभी तक प्रशासन से इस मामले में आश्वासन के सिवाय कोई जवाब नहीं मिला है। प्रशासन की तरफ से अब तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इसी गांव के रहने वाले राकेश कहते हैं "लोग तो खूब आते हैं रिश्ता लेकर, लेकिन जब वो कूड़ा प्लांट और उससे फैले दुर्गंध को देखते हैं, तो उसी समय वापस हो जाते हैं । कई बार तो शादी तय हो जाती है, लेकिन गंदगी की वजह शादी होने से पहले ही टूट जाती है।"

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इन गांवों में काफी बड़ी संख्या में लोग बीमार

इन गांवों में सॉलिड वेस्टज कूड़े का प्लांट आने के बाद यहां बीमारियों का भी प्रकोप बढ़ा है। यहां कई लोग दमा और टीबी के बीमारी ग्रसित है। कई लोगों की गंदगी से फैली बीमारियों की वजह से मौत भी हो चुकी है। पूरे क्षेत्र मक्खियां भिनभिनाती रहती हैं और भोजन को भी दूषित करती हैं।


जमुई गांव की रहने वाली सावित्री कहती हैं " यहां ज्‍यादातर लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में हैं। मैं खुद दमे से पीड़ित हैं। पहले मुझे यह बीमारी नहीं थी, लेकिन इस कूड़े के प्लांट के दुर्गंध से मुझे यह बीमारी हो गई। सावित्री आगे बताती हैं कि उनके बेटे की उम्र शादी की हो गई है, लेकिन बीमारी के डर से कोई अपनी बेटी की शादी हमारे गांव में नहीं करना चाह रहा है।"

गांव वालों का कहना है कि गंदगी और दुर्गंध की वजह से यहां पर कई लोगों की मौत हो चुकी है। अगर जल्द ही इस मामले का निस्तारण नहीं किया गया तो शादी दूर की बात है,यह जगह रहने लायक भी नहीं बचेगी।

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