बापू का संदेश पहुंचाने का काम कर रही है ये प्रदर्शनी

Purushotam ThakurPurushotam Thakur   9 Nov 2019 8:27 AM GMT

राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी जी की एक 150वीं वर्षगांठ 2 अक्टूबर 2019 देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया मनाई गई। इस अवसर पर छत्‍तीसगढ़ के धमतरी में गांधी जी के जीवन पर 100 पोस्टरों की प्रदर्शनी लगाई गई। इस प्रदर्शनी में आज की पीढ़ी को गांधी जी के जीवन से अवगत कराया जा रहा है और उन्‍हें स्‍वावलंबी बनाने के लिए प्रशिक्ष‍ित किया जा रहा है।

इस अवसर पर धमतरी जिले में भी पिछले 3 महीने से कई शैक्षणिक संस्थाओं में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से गांधी जी के सौ पोस्टरों की प्रदर्शनी, गांधी के जीवन पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म और बातचीत का सिलसिला जारी है। पिछले दो दिनों से कुरुद और मगरलोड विकासखंडों में दो कार्यक्रम हो रहे हैं जहां इन सब के अलावा कुम्हारों, मशरूम उत्पादक, बांस के कारीगर, चित्रकार और साईकिल मेकनिक का काम कैसे होता है यह बच्चे और शिक्षक खुद करके देखने के लिए कारीगरों को बुलाया गया है।

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अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रशांत धल कहते हैं, "इस प्रदर्शनी का एक ही उद्देश्‍य है कि गांधी जी के ग्राम स्वराज के विचार जैसे स्वावलंबन और श्रम के गरिमा को बच्चों तक पहुंचाना है। बच्चे को भी पता होना चाहिए कि जो काम उन्हें सहज लगता है उसके पीछे लोगों का कितान परिश्रम और कला छिपी होती है।

नवनीत बेदार ने बताते हैं, "आज हम जिस दौर में जी रहे हैं, उस समय गांधी जी के मूल्य और विचार की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। हम उनके विचारों को जन-जन तक और खासकर के नई पीढ़ियों तक यह बात पहुंचाना चाहते हैं।"

छात्र अभि‍षेक साहू ने कहा कि यहां आकार हमें काफी अच्छा लगा और बहुत कुछ सीखने को मिला। हम जिन कारीगरों के काम को आसान समझते हैं, वह इतना आसान नहीं है। हमने बहुत कुछ करके देखा।

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बता दें, इस कार्यक्रम में करीब एक हजार से अध‍िक बच्‍चे हिस्‍सा ले चुके हैं। यहां कुम्हार मिट्टी के बर्तन बना रहे हैं और साथ ही बच्चों को यह बता रहे हैं कि यह काम कैसे होता है। मिट्टी कहां से, कौन-सी मिट्टी और कैसे लाया जाता है। बच्चे भी यह करके देख रहे हैं। वही दूसरी ओर एक मशरूम उत्पादक छात्र-छात्राओं को बता रहे हैं कि मशरूम उत्पादन कैसे किया जाता है।

कुरुद के एक शिक्षिका मरियम शेख बताती हैं कि यह कार्यशाला बहुत रोचक है और यह हमें कक्षा के शिक्षा-शिक्षण से जोड़ने में मदद करेगा। वहीं गांधी जी के जीवन पर आधारित एक नाटक का मंचन भी किया गया।

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