छत्तीसगढ़ के इस सरकारी स्कूल में सिखायी जाती है अनोखे तरीके से गणित

मनोज शुक्ला, कम्युनिटी जर्नलिस्ट

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)। बच्चों को सभी विषयों में से सबसे गणित सबसे कठिन लगती है, लेकिन इस शिक्षिका ने बच्चों के लिए गणित भी आसान बना दिया। अब वो गणित से डरते नहीं।

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के बघेरा गाँव के सरकारी विद्यालय की शिक्षिका प्रीति शर्मा की नियुक्ति यहां हुई। प्रीति कक्षा छठवीं के बच्चों को गणित पढ़ा रही थी तब उन्होंने देखा की बच्चो का पढ़ने से ज्यादा खेलने में ध्यान रहता है। इसके बाद कई दिनों तक प्रीति खेल के माध्यम से गणित पढ़ाने के विषय मे सोंचती रही तभी यूट्यूब में एक विडियो दिखाई पड़ा जिसकी मदद से बच्चे खेल खेल में धनात्मक ऋणात्मक संख्या का ज्ञान ले रहे थे। बस तब से प्रीति ने भी प्रयोग करना शुरू कर दिया। गांव के कबाड़ के थर्माकोल, पैकिंग के वेस्टेज खड्डों से सौ से अधिक खेल बना डाले जिसकी मदद से बीज गणित जैसे कठिन समीकरण को भी आसानी से समझा जा सकता है।

प्रीति बताती हैं, "बच्चे गणित के प्रति नीरस थे सीखना नही चाहते थे खासकर गणित के परेड में भाग जाते थे। तो गतिविधि करके संख्या रेखा खेल खिलाया फिर धीरे-धीरे काम आगे बढ़ता गया और आज वेस्टेज समान से सौ से अधिक गणित से संबंधित खेल बनाए। आज बच्चे खेल खेल में गणित सीख रहे हैं।"

वहीं राजनांदगांव जिले के डीईओ हेमंत उपाध्याय कहते हैं, "बघेरा की शिक्षक ने बहुत बढ़िया प्रयोग किया है जिसकी मदद से बच्चे खेल में गणित सीख रहे हैं। ऐसी पहल सभी स्कूलों में कई जानी चाहिए। मैं खुद वहां गणित का लैब देखने गया था।"


दरवाजा खोलने में भी गणित

स्कूल के जिस कमरे को प्रयोग शाला बनाया गया है उसके खिड़की दरवाजे तक गणितीय ज्ञान देते हैं। लैब का दरवाजा खोलते ही नीचे फर्स पर कोण दिखने लगता है जिसे देख बच्चे न्यूनतम कोण, समकोण, अधिक कोण को बहुत आसानी से पहचान लेते हैं। कमरे की खिड़की से लेकर फर्स में भी गणितीय फॉर्मूले को हल करने का खेल बना हुआ है। घन मूल जानना हो या लघुत्तम महत्तम निकालना हो बच्चो को सिर्फ पांसा फेकना होता है। यह खेल भी इमली की बीजों व खराब कपड़े के बटन से बनाया गया है।

सुआ की धुन में करते हैं पहाड़ा याद

लंच के बाद बच्चे छत्तीसगढ़ी पारम्पारिक नृत्य सुआ करते हैं लेकिन बच्चे लोक नृत्य को छोड़कर पहाड़ा गाते हैं। नतीजा यह हुआ है कि कक्षा चौथी के बच्चों को भी 40 तक का पहाड़ा याद हो चुका है। गणित प्रयोगशाला निर्माण से बच्चों की गणितीय दक्षता में निखार आ रहा है। साथ ही बच्चों की गणित सीखने के प्रति जिज्ञासा भी बढ़ रही है।

परिणाम में आया आश्चर्यजनक परिवर्तन

गणितीय प्रयोगशाला विद्यार्थियों के बीच में जटिल समझे जाने वाले गणित विषय को सरल और रोचक बना रहा है। बच्चे गणित की कठिन अवधारणाओं को और सूत्रों को आसानी से सीख रहे हैं। जिससे उनके परीक्षा परिणाम में आश्चर्यजनक परिवर्तन आया है। स्कूल का परीक्षा परिणाम 25 प्रतिशत तक बढ़ गया है। साथ ही प्रयोग शाला से अन्य विषय के शिक्षक भी अपने विषय के प्रयोगशाला बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

बॉक्स में कबाड़ से बनाए हैं यह खेल

प्रीति ने कबाड़ से 100 से अधिक गणितीय खेल बनाये हैं जिनमें समीकरण पासा, कप स्टीक, टिल्स, एचसीएफ, दशमलव संख्याओं के खेल, वर्ग टावर, घन टावर, पूर्णको को जोड़ने घटाने के लिए चकरी खेल, गणितीय सांप सीढ़ी, गणित का शहर, वर्गमूल घड़ी प्रमुख हैं।

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