नहीं देखा होगा ऐसा कलाकार, आंखों पर पट्टी बांधकर बनाते हैं कलाकृतियां

राजन नाथ, कम्‍युनिटी जर्नलिस्‍ट

राजपुरा (पंजाब)। इंसान खुली आंखो से ढंग से काम नहीं कर पाता, वहीं एक इंसान ऐसा भी है जो आंखों पर पट्टी बांधकर खूबसूरत कलाकृतियां बनाता है। उन्हें इस अनोखे हुनर के लिए पंजाब सरकार ने सम्मानित भी किया है।

पंजाब के राजपुरा के रहने वाले 25 वर्षीय ग्रास आर्टिस्ट अभ‍िषेक बताते हैं, "अभी तक किसी भी कलाकार ने आंखों से विकलांग लोगों को कोई शिल्प कला नहीं सिखाई है। ऐसा करने से इस ऐतिहासिक कला का पुनर्जन्म किया है जिसे ऐतिहासिक घास कला कहा जाता है। ऐतिहासिक कला पंजाब की आधिकारिक पुस्तक में दर्ज है।" हाल ही में इन्हें पंजाब सरकार द्वारा स्टेट अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। अभिषेक का कहते हैं, ''मेरा मिशन है कि मैं अपनी इस शिल्पकला को दिव्यांग लोगों को सिखाऊं।''

घास से बनाई गई कलाकृति

घास से बनाई गई कलाकृति

15 अगस्‍त 2019 को पंजाब के मुख्‍यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अभि‍षेक को सम्‍मानित किया था। यह इस कला में उनका यह देश का पहला प्रमाण पत्र है। साथ ही साथ उन्हें डीसी पटियाला द्वारा पंजाब सरकार प्रमाण पत्र मिला है, जो पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा पटियाला में मंच पर दिया गया था।

इन्‍हें प्रमाण पत्र के साथ ही इस आधिकारिक पुस्तक भी भेंट की थी, जिसमें यह लिखा है कि अभिषेक कुमार चौहान देश के पहले ऐसे कलाकार हैं, जिनकी आंखों पर पट्टी बांधकर कलाकृतियां बनाई है। अभिषेक ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी एक रिकॉर्ड बनाया है, जहां उन्होंने आंखों पर पट्टी बांधकर भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर बनाया है।

वो आगे कहते हैं, "प्राचीन समय में हमारे पूर्वज की घास से ही कलाकृतियां बनाया करते थे, और उससे अपनी झोपड़ियों को सजाते थे, अब प्लास्टिक और धातु का युग है, जिससे ये कलाकृतियां गुम होती जा रही हैं, इसलिए मैं अपनी जिम्मेदारी समझकर इस कला को आगे ले जाऊं, ये जो कला है इतिहास के पन्नों में न गुम हो जाए। इस कला से हम नेत्रहीन लोगों को रोजगार दे सकते हैं, इससे राखियां, झूमर जैसे कई सामान बना सकते हैं।"

घास से कलाकारी करते अभ‍िषेक

घास से कलाकारी करते अभ‍िषेक

पंजाब की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अभिषेक को शिल्प के लिए एसडीएम राजपुरा द्वारा सम्‍मान पत्र भी मिला है। अभिषेक ने पटेल मेमोरियल कॉलेज, राजपुरा से अपनी ग्रेजुएशन पूरी की, जहां उन्हें दो पत्र मिले हैं, एक ब्रिलियंट लोक कलाकार और दूसरा लोक हस्तकला आइटम जो की घास से बना है।

अभिषेक सिर्फ राजपुरा ही नहीं, बल्कि पंजाब के अकेले ऐसे कलाकार हैं, जो कि ग्रास आर्ट को आगे ले कर जा रहें हैं। इनकी खासियत यही है, कि जो काम लोग खुली आंखों से ठीक से नहीं कर पाते, या शायद कई लोगों को तो इस बारे में पता भी नहीं, वहीं अभिषेक बंद आंखों से भी कलाकृतियां बना लेते हैं। अभी हाल ही में 17 सितंबर 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर अभिषेक ने एक कलाकृति बनाकर उपहार स्वरूप पीएमओ के ऑफिस में भेजी थी।

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