कॉलेज की फ्रेशर्स पार्टी में जा रहा आदित्य उस दिन शराब को न कह पाया या नहीं

गाँव कनेक्शन विश्व स्वास्थ्य संगठन दक्षिण-पूर्व एशिया (WHO SEARO) के साथ मिलकर एक जागरूकता अभियान चला है, मेरी प्यारी जिंदगी नाम की इस सीरीज में ऑडियो और वीडियो के जरिए शराब से होने वाले शारीरिक और मानसिक प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इस भाग में पेश है एक युवा की कहानी जिसे नहीं पता था कि फ्रेशर्स पार्टी में शराब को न कह सकता है या नहीं, तभी उसके पिता ने उसे एक सलाह दी, जानिए क्या थी सलाह और उसका क्या असर हुआ?

कॉलेज की फ्रेशर्स पार्टी में अपनी काली शर्ट पहनने की तैयारी में आदित्य को इस दिन का काफी दिनों से इंतजार था, जिस दिन से उसकी कॉलेज लाइफ की शुरूआत हो रही थी।

यह एक ऐसा कार्यक्रम था जहां वह गिटार बजा सकता था, नए दोस्त बना सकता था और अपने सीनियर्स से मिल सकता है, जोकि कॉलेज में रहने के लिए सबसे जरूरी था।

आखिर में वह पार्टी में शामिल होने के लिए तैयार था और उसने अपने पिता से कहा कि वह जाने वाला है। लेकिन उसके बाहर जाने से पहले, उसकी माँ को एक बात का डर सताए जा रहा था।

यह ऑडियो कहानी मेरी प्यारी जिंदगी सीरीज का एक हिस्सा है, जो भारत के सबसे बड़े ग्रामीण मीडिया प्लेटफॉर्म गांव कनेक्शन और दक्षिण पूर्व एशिया के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन क्षेत्रीय कार्यालय (डब्ल्यूएचओ सीआरओ) के प्रयासों से शराब के दुष्परिणामों के बारे में एक सामाजिक जागरूकता अभियान है।

आदित्य की माँ ने उसके पिता से इस बारे में बात करने का कहा।

"हमें कुछ बात करने की ज़रूरत है, "आदित्य पिता ने उससे कहा। कंफ्यूज्ड टीनएजर ने पूछा कि क्या उसने कुछ गलत किया है, जिसके बाद उसकी माँ ने सीधे उससे पूछा - "क्या पार्टी में शराब भी होगी?"

वह इस सवाल पर खुद असहज था, लेकिन उसने इस बात से इनकार करने का कोई प्रयास भी नहीं किया कि वास्तव में उस फ्रेशर्स पार्टी में नहीं होगी।

उसकी बेचैनी को देखकर आदित्य के पिता ने बेपरवाह होकर उसकी मां से कहा कि शराब का फ्रेशर्स पार्टी का हिस्सा होना स्वाभाविक है।

"हम इसे अपने कॉलेज की पार्टियों में भी करते थे। क्या तुमने पहले भी इसे ट्राई किया है?" पिता ने पूछा।

"अभी तक नहीं, "आदित्य ने जवाब दिया।

यह महसूस करते हुए कि उसके जवाब ने किसी भी तरह से पार्टी में शराब पीने की संभावना से इनकार नहीं किया है, उसकी माँ ने फिर कहा, "अभी तक नहीं तो क्या तुम आगे कभी पिएगो, है ना?।"

आदित्य अब और कुछ नहीं बोल पाया।

साथियों का दबाव

आदित्य ने अपने माता-पिता से कहा कि वह पार्टी में अपने सीनियर्स के साथ संबंध बढ़ाना चाहता है और ऐसा करने में उनके साथ शराब पीना जरूरी होगा।

उसके पिता समझ गए थे कि शराब पीना उनके बेटे के लिए अपनी इच्छा से ज्यादा दोस्तों का दबाव ज्यादा था।

"मैं अभी भी अपने कॉलेज के दोस्तों से मिलता हूं। मैं अब भी उनसे नियमित रूप से मिलता हूं और कॉलेज में मैं वास्तव में उनके साथ बहुत लोकप्रिय था। मेरे इतने लोकप्रिय होने का कारण यह था कि मैंने कभी शराब नहीं पी, "पिता ने अपने बेटे से कहा।

इसके बाद एक पिता ने अपने बेटे को शराब के हानिकारक प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया।

आखिर में आदित्य के पार्टी के वेन्यू पर जाने का समय था और यह देखा जाना बाकी था कि वह पार्टी में शराब पीएगा या अपने पिता की बातों को अमल करेगा।

लेकिन ना कैसे कहें

पार्टी वेन्यू पर पहुंचने पर आदित्य को तुरंत शराब का एक पैग ऑफर किया गया। "यह हमारे गिटार बॉय आदित्य के लिए है," एक सीनियर ने एनाउंस किया।

आदित्य की प्रतिक्रिया शांत लेकिन दृढ़ थी।

"दोस्तों, मैं नहीं पीता," उसने कहा।

उसकी यह प्रतिक्रिया उसके सीनियर्स को अच्छी नहीं लगी, उन्होंने उससे यह भी पूछा कि शराब के बिना कैसे गिटार बजा पाएगा।

"मैं एक म्युजिक डायरेक्टर बनना चाहता हूं। यह एक क्रिएटिव पेशा है। मेरे लिए, क्रिएटिव आजादी में पनपती है और शराब की लत एक इंसान को गुलाम बनाती है, "उन्होंने कहा।

उसकी बातों का असर होता दिख रहा था और किसी ने उसे और आगे कुछ नहीं कहा।

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