मध्‍य प्रदेश के नागदा में क्‍यों आक्रोशित हुए मजदूर?

अशोक दायमा, कम्‍युनिटी जर्नलिस्‍ट

नागदा। मध्‍यप्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित बिड़ला घराना के ग्रेसिम उद्योग के मजदूरों ने शुक्रवार सुबह हड़ताल कर दी। उद्योग में कार्यरत हजारों श्रमिक कार्य पर नहीं गए और उद्योग परिसर में ही डेरा डाल दिया। इस धरने में महिला मजदूर भी बढ़ चढ़ कर हिस्‍सा ले रह‍ी हैं।

श्रमिक अशोक मीणा ने बताया, "गुरुवार रात्रि पाली से ही मजदूर काम पर नहीं गए हैं। ऐसी स्थिति में उद्योग प्रबंधन को अब उद्योग को चलाना मुश्किल हो सकता है। उद्योग तीन पालियों में चलता है। ऐसी स्थिति में गुरुवार दोपहर की पाली में गए मजदूरों के भरोसे ही अब उद्योग चल रहा है। सैकड़ों मजदूर अंदर ही है।"

लोगों का आरोप है कि गुरुवार शाम को मजदूरों की एक सभा में भारतीय मजदूर संघ के प्रधानमंत्री जोधसिंह राठौर की एक श्रमिक के साथ कथित अपमानक व्यवहार के बाद लोग धरना देना शुरु कर दिया। हालांकि बाद में इस बात का खंडन किया गया कि ऐसा नहीं बोला गया था, बाद में श्रम संगठन के कार्यकर्ता एवं मजदूरों के बीच तनाव से लाठियां भी चली थी। जिसमें दो श्रमिकों को चोट आई है।


स्‍थानीय श्रमिक ने बताया कि मजदूरों की हड़ताल के दौरान के उद्योग परिसर में कोई भी ट्रेड यूनियन का नेता दिखाई नहीं दिया। मजदूरों ने स्वयं मोर्चा संभाल रखा है। इधर, ग्रेसिम कांतिकारी कर्मचारी यूनियन के नेता भवानी सिंह शेखावत ने बातचीत में बताया कि सहायक श्रमायुक्त मेघना भट़ट से उनकी दूरभाष पर चर्चा हुई है। उन्हें मजदूरों के समझौता से भड़े आक्रोश के बारे में बता दिया गया है।

ग्रेसिम के जनसंपर्क अधिकारी संजय व्यास ने बताया, "उद्योग का उत्पादन अभी प्रभावित नहीं हुआ है। उद्योग की सभी मशीनें चल रही है। मजदूरों के न आने से गुरुवार की दोपहर पाली में गए मजदूर उत्पादन प्रकिया में भागीदार बने हुए है।"

2500 हजार ठेका मजदूर

ग्रेसिम उद्योग में लगभग 1700 स्थायी मजदूर कार्यरत है। जबकि बड़ी संख्या में तकरीबन 2500 हजार ठेका मजदूर है। इन ठेका मजदूरों के भरोसे ही उद्योग का उत्पादन संभव है। हाल की हड़ताल में ठेका मजदूर भड़के हैं, इसलिए प्रबंधन के समक्ष अब उद्योग को चलाना मुश्किल हो सकता है।


24 घंटे चलता हैं उद्योग

ग्रेसिम उद्योग में स्टेपल फाइबर का निर्माण प्रतिदिन औसतन लगभग 425 टन स्टेपल फाईबर का होता है। उद्योग लगातार 24 घंटे चलता है। तीन पालियों में मजदूर कार्य करते हैं। जनरल पाली सुबह 8 से शाम 5 बजे तक चलती है। इस पाली में सर्वाधिक मजदूर कार्य करते हैं। शुक्रवार को जो हड़ताल हुई है वह जनरल शिफ्ट से हुई है इसलिए उद्योग में कई कार्य प्रभावित हो गए है।

एसडीएम रामप्रसाद वर्मा ने बताया, "पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर 8 लोगों के खिलाफ गुरुवार शाम को प्रकरण दर्ज किया था। इस घटनाक्रम में उद्योग में कार्यरत सैकड़ों मजदूर इस बात को लेकर भड़क गए थे कि हाल में पांच वर्षीय वेतन वृद्धि का जो समझौता हुआ उससे वे असंतुष्ट हैं। ठेका मजदूर इस बात से नाराज हैं कि उनका पैसा बहुत कम बढ़ाया गया है।"

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