गौरैया को बचाने की मुहिम में उतरे स्कूली बच्चे

गौरैया को बचाने की मुहिम में उतरे स्कूली बच्चेGaon Connection

दिवेंद्र सिंह 

वाराणसी। प्रदेश भर में गौरैया संरक्षण के लिए अभियान चलाया जा रहा है, अभियान के तहत वन विभाग स्कूलों में गौरैया के रहने के लिए घर वितरित कर रहा है। 

वाराणसी जि़ले के चौबेपुर में भी वन विभाग की तरफ से दी इलीट पब्लिक स्कूल में गौरैया जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। साथ ही स्कूल के चालीस बच्चों को गौरैया के रहने के लिए घर भी दिए गये।

कार्यक्रम में वन क्षेत्राधिकारी काशी सामाजिक वानिकी रेंज एनपी सिंह ने कहा कि विश्व गौरैया दिवस 20 मार्च के पहले वन विभाग और कुछ स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य गोरैया के संरक्षण के बारे में आम जनता विशेषकर विद्यार्थियों को जागरूक किया जाना है, जिससे गोरैया की संख्या में वृद्धि हो सके। उन्होंने आगे कहा कि पिछले 10 वर्षों में गौरया की संख्या में 68 प्रतिशत की कमी हुयी है जोकि चिंताजनक है।

इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति सक्रिय सामाजिक कार्यकत्र्ता वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि आज विकास के दौर में हमने गौरैया सहित कई पक्षियों और जन्तुओ का ठिकाना छीन लिया है, जिससे इनकी संख्या तेजी से घटती जा रही है गौरैया एक घरेलू पक्षी है जो हमारे घर में हमारे साथ रहते हुए हानिकारक कीट, पतंगों और अनावश्यक खर पतवार के बीजों को खाकर जैव तंत्र को नियंत्रित करती है।

पिछले कुछ वर्षों में इनकी संख्या में हुयी कमी के कारण हमारी निर्भरता रासायनिक कीटनाशकों और खरपतवार नाशकों पर बढ़ी है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। आज पक्के घरों में कोई झरोखा, रोशनदान खुला नही होने से गौरैया के रहने का स्थान नही बचा है जिससे इसकी संख्या दिनों दिन कम होती जा रही है। संरक्षण अभियान के तहत सुरक्षित गोरैया बाक्स का वितरण करने का उद्देश्य यही है कि लोग स्वत: अपने घरों आस-पडोस पर इसके लिए स्थान बनाएं, गर्मी में पक्षियों के पीने के लिए पानी रखें, साथ ही आसपास अधिक से अधिक ऐसे पेड़ लगायें जिन पर चिडिय़ा घोसले बना कर रह सकें और उन्हें खाने के लिए फल भी मिलता रहे।

विद्यालय के निदेशक कुमुद उपाध्याय ने कहा की हम अपने स्कूल के पाठ्यक्रम में गौरैया संरक्षण को शामिल करेंगे जिससे बच्चे स्वत: इसके लिए आगे आएंगे।

 

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