गड़बड़झाला: सिंचाई के लिए आवंटित सोलर पैनल होटलों पर लगे

गड़बड़झाला: सिंचाई के लिए आवंटित सोलर पैनल होटलों पर लगेगाँव कनेक्शन

पीलीभीत। किसानों पर बढ़ते सिंचाई के बोझ को कम करने और सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार किसानों को सोलर उपकरणों पर अच्छी खासी सब्सिडी दे रहा है। लेकिन कृषि विभाग से भारी छूट लेकर लिए गए ये उपकरण खेतों की बजाय होटलों और दुकानों में लगाए जा रहे हैं।

पीलीभीत जिले में इन सोलर पंप और पैनल को कई अपात्र लोगों के इस्तेमाल कर रहे हैं। शहर के एक बड़े होटल पर सोलर पैनल लगाया गया है। गाँव कनेक्शन की पड़ताल में पता चला है कि ये पैनल होटल के मालिक ने अपने गाँव में सिंचाई के लिए वर्ष 2013-14 में कृषि विभाग से आवंटित कराया था। दो किलोवॉट की क्षमता वाले इस पैनल की कीमत दो लाख छत्तीस हजार रुपये है, कृषि विभान ने इस पर करीब एक लाख 60 हजार की सब्सिडी दी थी। 

इस बारे में जब गाँव कनेक्शन रिर्पोटर ने होटल के मालिक से पूछताछ तो उन्होंने इस बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया।

मामले को संज्ञान में लेते हुए सुनील कुमार चौधरी, सचिव एवं मुख्य परियोजना अधिकारी, यूपीनेडा ने गाँव कनेक्शन से बताया, "जिले में हो रहे सरकारी सोलर पैनलों का गलत इस्तेमाल सरकारी पैसों का दुरप्रयोग है। हम इसकी जांच करके इससे संबंधित लोगों पर कार्रवाई करेंगे।"

सरकारी सोलर पैनलों का इस्तेमाल सिर्फ होटल ही नहीं शहर के एक बड़े धान मिल और कुछ और बड़े शोरुम में किसानों के नाम पर छूट पर लिए गए सोलर पैनल लगाए गए हैं। 

सौर उपकरणों पर कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ऐके सिंह बताते हैं, ''विभाग जिन लोगों को यह सोलर पैनल देता है उनका उपकरण स्थानांतरण भी खुद बना के देता है। इसके बाद वो कहां इस्तेमाल हो रहा है यह जानकारी विभाग के पास नहीं होती है।"

वहीं जिले के कई किसानों का कहना है कि उन्हें कई बार-बार ब्लॉक का चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें सोलर पैनल नहीं मिल रहे हैं।

रिपोर्ट- अनिल चौधरी

अपने घर पर भी लगवा सकते हैं सोलर संयंत्र

लखनऊ। सरकार खेती के उपकरणों के साथ ही घरों में सौर उपकरण लगाने पर भारी छूट देती है। यूपीनेडा की तरफ से घरों में सोलर पॉवर रूफ टॉप संयंत्र लगवाया जा सकता है। यह सुविधा आपके घर की बिजली की ज़रूरत को पूरी करेगी, साथ ही ज़रूरत पूरा होने के बाद जो ऊर्जा बचेगी उसे बिजली विभाग को भी बेच सकेंगे।

इस सुविधा के बारे में यूपीनेडा के क्षेत्रीय अधिकारी सुभाष यादव बताते हैं, ''यूपीनेडा निजी तौर पर सोलर पॉवर रूफ टॉप संयंत्र लगवाने के लिए सब्सिडी दे रहा है। सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट उपकरण आप घर की छत पर लगवाया सकते हैं। इसके लिए नेडा की तरफ से 15 फीसदी सब्सिडी दी जाती है।’’

कैसे करें आवेदन

सब्सिडी पर सौर ऊर्जा प्लांट लगवाने के लिए आपको यूपीनेडा में आवेदन करना होगा। इसके बाद विभाग फाइल तैयार कर मंजूरी के लिए अपने मंत्रालय को भेजेगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद आवेदक को सब्सिडी पर संयंत्र मिल जाएगा।

सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के बाद लाभार्थी अपनी जरूरत की बिजली खुद ही सूरज से ले सकेंगे। सौर ऊर्जा प्लांट लगाने में एक बार ही खर्च आएगा। इसके बाद 40 साल से अधिक समय तक यह सिस्टम काम करेगा। घर की बिजली के लिए सौर ऊर्जा का दो किलोवाट या अधिक से अधिक पांच किलोवाट का प्लांट ही काफी है। दो किलोवाट पर करीब डेढ़ लाख खर्च आएगा।

सुभाष यादव बताते हैं, ''पांच किलोवाट के सौर उपकरण की मदद से घर पर सात से आठ पंखे, बल्ब, फ्रिज यहां तक की गर्मियों में एसी भी चला सकते हैं। पांच किलोवाट के सौर ऊर्जा प्लांट पर करीब तीन लाख रुपए खर्च आएगा। अगर सोलर बैटरी सिस्टम साथ लगाएं तो इसकी लागत पांच लाख रुपए तक आएगी।’’

सोलर पैनल में मरम्मत का खर्च नहीं आता, लेकिन हर 10 साल में एक बार बैटरी बदलनी होती है। जिसका खर्च करीब 20 हजार रुपए होता है। इस सोलर पैनल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर मूव किया जा सकता है।

पांच किलोवाट का संयंत्र को लगाने के लिए 10 बाई 10 फुट की छत की ज़रूरत पड़ती है। महज एक कमरे की जगह पर दो किलोवाट का पावर प्लांट लगाया जा सकता है।

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