घाघरा नदी ख़तरे के निशान के ऊपर, कई गाँव डूबे

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सूरतगंज (बाराबंकी)। पिछले दो दिनों से घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिसके चलते मदरहा, हेमतापुर, अकौना, बलईपुर, कोठरी, नरौली समेत कई गाँवों पानी की चपेट में आ गए हैं।

जिला प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। कई लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ की चपेट में आने से मदरहा के एक बालक की मौत हो गयी है। शव मिलने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं बुधवार को ग्राम विकास मंत्री अरविंद सिंह गोप और ब्लॉक प्रमुख ज्ञानू सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। 

अब्दुल रहमान उर्फ सलमान (10 वर्ष) अपने पिता के साथ सुरक्षित स्थान पर जा रहा था तभी पानी की तेज धारा में बह गया। काफ़ी देर तक उसको खोजने का प्रयास किया गया पर वह नहीं मिला। मामले की जानकारी जब अधिकारियों को मिली तब पीएसी के जवान पहुंचे और बच्चे का शव निकाला। बाढ़ का पानी कई गाँवों के लिए ख़तरा बन गया है। मोहम्दपुर खाला थाने के इंस्पेक्टर बताते है, “गाँव वालों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। चार स्टीमर लगाए गए हैं, पीड़ितों को मदद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।” मदरहा ग्राम पंचायत में बाढ़ का प्रकोप बहुत अधिक है।

रामनगर उपजिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी बताते है, “यहां पर पांच ग्राम पंचायतें हैं, बहुत से गाँव में बाढ़ की समस्या हो गई हैं, सभी को लगातार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों के लिए प्लास्टिक के तिरपाल बनाये गए हैं, पुलिस चौकी बनाई गई है। वहीं उनको खाना और इलाज के लिए सुविधाएं दी जा रही हैं। पशु डॉक्टरों को भी बुलाया गया है। 30 नावों को चलाया जा रहा है। बन्धे पर शौचालय बनाये गए हैं। इसके साथ ही लोगों को लगातार चेतावनी भी दी जा रही है।”

स्वाती शुक्ला/ वीरेंद्र शुक्ला

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

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