घायल पशुओं का सहारा बन रहे हैं ग्रामीण युवा

घायल पशुओं का सहारा बन रहे हैं ग्रामीण युवाgaonconnection

बछरावां (रायबरेली)। एक ओर लोग सड़क पर तड़प रही लहुलुहान गाय को नज़रअंदाज़ कर गुज़र रहे थे, वहीं दूसरी ओर एक युवक (नितिन) गाय को सड़क के किनारे लाने के लिए संघर्ष कर रहा था। कुछ ही देर में उसकी मदद को कुछ और युवा भी आ गए और गाय की मरहम-पट्टी कर उसे सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया।

रायबरेली जिला मुख्यालय से 36 किमी. उत्तर दिशा में बछरावां ब्लॉक में युवाओं का गौ-रक्षा मंच दल ऐसा है, जो छुट्टा पशुओं की देखभाल कर उनकी सुरक्षा करता है। साथ ही लखनऊ-रायबरेली मार्ग से होकर गुज़रने वाले पशु तस्करों को भी पुलिस की मदद से मिलकर पकड़वाने का काम कर रहा है।

पिछले डेढ़ वर्षों से छुट्टा जानवरों की रक्षा कर रहे इस दल के वरिष्ठ कार्यकर्ता सचिन सोनी बताते हैं, “इस क्षेत्र में छुट्टा पशुओं की संख्या बहुत ज़्यादा है। इनकी रक्षा के लिए हमने पूरे ब्लॉक में अपने कार्यकर्ता बना रखे हैं, जो चोटिल पशुओं की जानकारी हमें फोन पर देते हैं और हमारी टीम वहां जाकर जानवरों का इलाज करती है।’’ 

छुट्टा पशुओं की देखभाल कर रहे इस दल की सहायता क्षेत्रीय पशु चिकित्सालय और स्थानीय पुलिस भी कर रही है, जिससे पशुओं के इलाज के साथ-साथ उनकी तस्करी पर भी अंकुश लगाया जा रहा है।

गौ रक्षा मंच के सदस्य मोनू गुप्ता बताते हैं, “हाल ही में हमने शिवगढ़ रोड पर देर रात पशुओं से भरी पिकअप को पकड़ा। उनसे पशुओं के बारे में पूछने पर उन्होंने बहस शुरू कर दी है, बाद में हमने वहां पर पुलिस को सूचित कर पशुओं को तस्करों से छुड़वा लिया।’’जहां एक तरफ जानवरों से लाभ ना मिलने पर पशुपालक उन्हें खुले में भटकने के लिए छोड़ देते हैं, वहीं दूसरी तरफ गाँव के युवाओं द्वारा बनाया गया यह दल समाज के लिए एक नई पहचान बन रहा है। 

“बछरावां की 80 से ज़्यादा गाँवों के अलावा अब हम रायबरेली क्षेत्र में भी कई गाँवों में अपने दल का विस्तार कर रहे हैं, जिससे ज़्यादा से ज़्यादा पशुओं को बचाया जा सके और तस्करी पर रोक लगाई जा सके।’’ सचिन सोनी बताते हैं।

स्वयं वालेंटियर: लोकेश मंडल शुक्ला

स्कूल: श्री गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज, 

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