गिर गाय के मूत्र से होगा मानसिक विकार का इलाज

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लखनऊ। मानसिक विकार से पीड़ित व्यक्तियों का इलाज अब गिर गाय के मूत्र से किया जा सकेगा। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि गिर गाय के मूत्र में 388 ऐसे औषधीय पदार्थ मिले हैं जिनसे कई बीमारियों का इलाज किया जा सकेगा।

 

पिछले चार वर्षों से गुजरात के जूनागढ़ जिले में स्थित एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने गिर गाय के मूत्र पर रिसर्च कर रहे थे। यूनिवर्सिटी के बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बीए गोलकिया ने बताया, “इस रिसर्च में लगभग 300 गिर गायों के मूत्र को हम लोगों ने इकट्ठा किया और उस पर रिसर्च की। रिसर्च में मूत्र में करीब 5100 पदार्थ मिले जिनमें से 388 पदार्थ ऐसे हैं जिनसे कई बीमारियों का इलाज संभव है। शास्त्रों में इस बात का ज़िक्र है कि गायों के मूत्र औषधियों से भरपूर हैं।” 

वर्ष 2011 के विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक सर्वे के आंकड़ों के अनुसार हर तीसरा भारतीय अवसाद का शिकार है। गुजरात की गिर गाय काफी प्रसिद्ध है। मूत्र में जहां औषधीय पदार्थ मिले हैं, वहीं इनमें सोने के कण भी मिले हैं।

डॉ. गोलकिया बताते हैं, “लगभग तीन मिलीग्राम से लेकर 10 मिलीग्राम तक सोना भी मिला है। इनके मूत्र में ऑयनिक सोना पाया गया है जो कि घुलनशील है। अगर एक गाय एक दिन में पांच लीटर मूत्र करती है तो इस हिसाब से एक दिन में 100 से 150 रुपए तक का सोना मिलता है। हमने सोने को केमिकल प्रक्रिया के जरिए निकाला है।” कई पशुओं के मूत्रों की जांच हमने की  पर इस गाय में सबसे ज्यादा औषधीय पदार्थ है। 

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