गंगा को जुलाई 2018 तक निर्मल बनाने का लक्ष्य: उमा भारती

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नई दिल्ली (भाषा)। सरकार ने आज कहा कि गंगा को अविरल और निर्मल बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है और नदी की जलीय जीवन व्यवस्था को बहाल करते हुए जुलाई 2018 तक गंगा को निर्मल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

लोकसभा में कई सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर में जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने कहा कि गंगा को निर्मल बनाने के लिए नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रतिबद्धता से कदम उठाया और नमामि गंगे योजना के जरिये 100 प्रतिशत केंद्र वित्त पोषण के माध्यम से इसे आगे बढ़ाया जा रहा हैं।

उमा भारती ने कहा कि इस योजना के तहत 20 हजार करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। इसके साथ ही जन जागरुकता फैलाने के लिए 350 करोड़ रुपये रखे गए हैं। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि इसके साथ ही गंगा में जलीय जीवन को बहाल करने की दिशा में भी पहल की जा रही है। आज गंगा में डालफिन, कछुए, स्वर्ण मछली समेत जलीय व्यवस्था खतरे में है। हमारी कोशिश है कि गंगा में डालफिन, कछुए, स्वर्ण मछली समेत विभिन्न जलीय व्यवस्था को बहाल किया जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गंगा नदी पर करोड़ों लोग आजीविका के लिए निर्भर हैं। हालांकि हमने गंगा को आस्था की दृष्टि से ही देखा है, आर्थिक दृष्टि से कभी विचार नहीं किया। अब हम गंगा को आर्थिक दृष्टि से संजोने की योजना पर काम कर रहे हैं।

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