गन्ने की फसल में भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू

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पीलीभीत। प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से किसानों को बचाने के लिए गन्ने की फसल में भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू कर दी गई। इसके लिए किसानों को एक प्रतिशत प्रीमियम धनराशि जमा करनी होगी। इस संबंध में प्रदेश के गन्ना आयुक्त ने जिला गन्ना अधिकारी को दिशा निर्देश जारी किए हैं। 

जनपद के 1313 गाँवों में जीपीएस से गन्ना सर्वे के बाद प्रगति रिपोर्ट जारी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक 69986 हेक्टेयर एरिया में गन्ना बुवाई की गई है, जिसमें 31963 हेक्टेयर में पेड़ी, 38023 हेक्टेयर में पौधा शामिल है। पीलीभीत जनपद तराई में होने की वजह से हर साल बाढ़ समेत कई प्राकृतिक आपदाएं आती है, जिससे धान, गेहूं, गन्ना समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान होता है। अब प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान का लाभ गन्ना किसानों को भी दिया जाएगा।

 राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में गन्ने की फसल को शामिल कर लिया है। प्रदेश के आयुक्त (गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग) विपिन कुमार द्विवेदी ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश में गन्ना आयुक्त विपिन कुमार ने बताया, ''सूबे के गन्ना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को गन्ने की फसल के लिए भी लागू कराया गया है। इस संबंध में डिप्टी केन कमिश्नर, डीसीओ को कृषक गोष्ठियां कराकर किसानों को जानकारी देने के निर्देश दिए।'' उन्होंने बताया कि गत वर्ष गन्ने की फसल पर लागू राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत प्रदेश में 62225 किसानों का बीमा कराया गया था। 693 लाभार्थी किसानों को 47.09 लाख की क्षतिपूर्ति भी कराई गई है।

योजना में ये जिले शामिल

 पीलीभीत, बरेली, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, कासगंज, मथुरा, रामपुर, कानपुर नगर, फतेहपुर, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, रायबरेली, सीतापुर, सुल्तानपुर, बाराबंकी, बलरामपुर को योजना में शामिल किया गया। 

प्रीमियम दर निर्धारित

इन जिलों के किसानों को प्रीमियम दर बीमित राशि का एक प्रतिशत देना होगा। शेष जनपदों को डेढ़ प्रतिशत देना होगा। जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में गन्ना के शामिल होने से किसानों को काफी लाभ पहुंचेगा। गन्ना आयुक्त के आदेश को लागू कर दिया गया है।

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