गरीबों के हक पर कोटेदार का कब्जा

गरीबों के हक पर कोटेदार का कब्जागाँव कनेक्शन

फतेहपुर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। कोटेदारों की मनमानी और विभाग की मजबूरी में फंसे उपभोक्ता आनॅलाइन फीडिंग और राशन कार्ड के लिए पर्ची प्राप्त करने के लिए चक्कर लगाने के मजबूर हैं। इसके लिए प्रशासन की ढुलमुल रवैया भी जिम्मेदार है। कागजों पर तो उनको सस्ता राशन वितरित हो रहा है, जबकि हकीकत में गरीबों का अनाज कोटेदार खा रहे हैं।

जनपद में 5,41,866 एपीएल कार्डधारक, 59,770 बीपीएल और 36,789 अंत्योदय राशन कार्डधारक हैं। वहीं जनपद फतेहपुर में मार्च 2016 से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना लागू हो चुकी है, जिसके तहत आवंटित खाद्यान्न जिलों को प्राप्त हो चुका है। अंत्योदन योजना के लाभार्थियों को प्रति कार्ड 10 किलो गेहूं दो रुपए प्रति किलो के हिसाब से और चावल 25 किग्रा तीन रुपए प्रति किलो के हिसाब से दिया जाता है, जबकि मौजूदा समय में जिला अधिकारी ने दिशानिर्देश दिये हैं कि राशन का वितरण कैम्प लगाकर किया जाये और योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को दिया जाये। फिर भी क्षेत्रीय कोटेदार जिला अधिकारी के आदेश को ताक पर रखकर मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। वहीं जो राशनकार्ड बनकर कर आ चुके हैं उनको भी अपनी अलमारियों में रखकर बैठे हैं। अगर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के शुरुआती चरण में ही गरीब जनता सरकारी आनाज पाने के लिए परेशान है तो आगे क्या होगा?

अशेथर, मलवा, जुनीहा, बिन्दकी के कोटेदार ऑनलाइन फीडिंग के नाम पर उपभोक्ताओं को दौड़ा रहे हैं। उपभोक्ताओं से कहा जाता है कि ऑनलाइन फीडिंग के करा लें, जिसके बाद एक रशीद मिलेगी। उस रशीद से राशनकार्ड की प्रतिलिपि मिलती है। इस तरह से उपभोक्ता कोटेदार और प्रधान के पास चक्कर लगाने को मजबूर हैं। वहीं कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि ऑनलाइन फीडिंग कराने में कुछ गड़बड़ियां आ रही हैं।

इसके अलावा हर गाँव में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 30 से 50 फीसदी तक फर्जी राशन कार्ड बनाये गये हैं। आनॅलाइन फीडिंग कराने वाले बहुत कम ही उपभेक्ताओं को ही राशन मिल पा रहा है। मात्र दिखावे के लिये थोड़ा बहुत सरकारी अनाज तो बांट दिया जाता है और बाकी कोटेदारों के खाते में चला जाता है। जनपद के दर्जनों गँवों का भी ऐसा ही हाल है। मजरे सुजानपुर, विधातीपुर, बनपुरवा, हरदौरपुर के चन्दन, ऊदल, प्रेम, रमेश, र्निभय का कहना है कि वह यह इस मामले को जिलाधिकारी तक पहुंचायेंगे।

वहीं इस मामले पर जिलापूर्ति अधिकारी का कहना है, “जो शिकायतें आती हैं। उनका तुरन्त समाधान किया जाता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम हाल ही में लागू हुआ है। इससे जुड़ी जो भी समस्याएं आती हैं उनका निदान किया जाता है। हम ज्यादा से ज्यादा सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ समय के बाद व्यवस्था पूरी तरह से सही हो जायेगी।”   

रिपोर्टर - आशुतोष शुक्ला

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