हाईटेक बनेंगे यूपी पुलिस के जवान

हाईटेक बनेंगे यूपी पुलिस के जवानgaoconnection

लखनऊ। यदि सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहा तो जून माह के अंत तक जनपद के सभी थानों पर कम्प्यूटर में दक्ष पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। इसके लिये पुलिस लाइन में प्रतिदिन सात बजे से लेकर 12 बजे तक छह दिवसीय ट्रेनिंग प्रारम्भ हो गई है। जनपद के हर थानों में सीसीटीएनएस की ट्रेनिंग कर पुलिसकर्मी कम्प्यूटर से एफआईआर दर्ज कर सकेंगे। 

वीआईपी और कार्य का बहाना बनाने वाले थानाध्यक्ष और थानों पर मौजूद पुलिसकर्मी सीसीटीएनएस के ट्रेनिंग के नाम पर कन्नी काटते थे। कुछ पुलिसकर्मी को इतना तक बहाना बनाते थे कि अब उनकी नौकरी कुछ साल के लिये बची है तो वह कम्प्यूटर सीख कर क्या करेंगे। सीसीटीएनएस प्रभारी बृजेश कुमार राय ने बताया कि ट्रेनिंग के नाम पर कई थानों के थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी वीआईपी ड़यूटी, कार्य का बोझ सहित अन्य समस्यायें बताकर पल्ला झाड़ लेते थे जबकि एफआईआर दर्ज करने के लिये हमेशा कम्प्यूटर चलाने वाले पुलिसकर्मियों की मांग होती थी। इससे कई परेशानियां बढ़ती थी।

कुछ ही ट्रेंड पुलिसकर्मी थानों पर जाकर कम्प्यूटर में एफआईआर दर्ज कर दूसरे थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिये चले जाते थे। लगातार इस तरह की हरकतों से सीसीटीएनएस विभाग में कार्यरत कर्मचारी परेशान हो गये थे। कार्य तो होता था लेकिन सिर्फ कुछ लोगों की जिम्मेदारी थी। बृजेश कुमार राय ने बताया कि इसके बाद हमने उन थानों को लेटर लिखकर उनसे ट्रेनिंग के लिये पुलिसकर्मी की मांग करने लगे लेकिन कोई न कोई बहाने से एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं होता। कोई ट्रेंड नहीं हो पाया। 

इसके बाद हमने ट्रेंड पुलिसकमियों को भेजने का कार्य बंद कर दिया। लिहाजा जिस थाने से मांग की जाती हम ट्रेनिंग के लिये पुलिसकर्मी की मांग करते रहे। बहाना करने पर हम एक सिपाही या एक दरोगा, पैरोकार या मुंशी कोई भी एक पुलिसकर्मी की मांग करने लगे कि आप भेजो हम उसको ट्रेंड कर देंगे फिर आपको किसी की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके बाद वो सभी थानाध्यक्ष एक पुलिसकर्मी ट्रेनिंग के लिये भेजने लगे। एक पुलिसकर्मी ट्रेंड होता तो दूसरा ट्रेनिंग के लिये चला आता है। वर्तमान में लखनऊ जनपद में सभी थानों पर ऑनलाइन एफआईआर दर्ज हो रही है। 

 रिपोर्टर - गणेश जी वर्मा 

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