हाईटेक होगी यूपी की पुलिस

हाईटेक होगी यूपी की पुलिसगाँवकनेक्शन

लखनऊ। प्रदेश की पुलिस को हाईटेक बनाने की तैयारी चल रही है। केसों को जल्द से जल्द सुलझाया जा सके, इसके लिए सरकार पुलिस को नए कानूनों की ट्रेनिंग, आधुनिक उपकरण, विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं का रेंज स्तर तक विस्तार कर रही है।

पुलिस को प्रशिक्षण और सुविधाएं न मिलने के कारण कई घटनाओं का खुलासा नहीं हो पाता। ऐसे में पुलिस एक नई योजना ला रही है। एक अप्रैल से मैप  बनाकर पुलिस घटनास्थलों को चिन्निहित करेगी। इस योजना में पुलिस सबसे अिधक घटनाओं वाली जगह को पुलिस ट्रैक करेगी।

योजना के तहत प्रदेश में घटनास्थलों की जानकारी कर एक मैप बनाया जायेगा जिसे गूगल पर लोड किया जायेगा। इस मैप के सहारे एसपी, थानाध्यक्ष सहित पुलिसकर्मी यह जान सकेंगे कि किस क्षेत्र में कौन सा अपराध ज्यादा होता है। इस मैप में महिलाओं से छेड़खानी, बलात्कार, दहेज हत्या के साथ ही वाहन चोरी, चेन लूट, चोरी, हत्या, डकैती, दंगा सहित अन्य घटनाओं का ब्यौरा होगा। 

इसके अलावा 17 मार्च को महानगर में प्रदेश के सभी सर्किल अिधकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई थी। इसमें नए कानूनों और विभिन्न धाराओं की सही प्रयोग की जानकारी दी गई थी।

अभी बिसरा और डीएनए की जांच कराने में पुलिस को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था लेकिन अब पुलिस के विवेचना कार्य में वैज्ञानिक साक्ष्यों को बढ़ावा देने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं  का सुदृढ़ीकरण एवं रेंज स्तर तक विस्तार होने की तैयारी है।

अपराधियों को सजा दिलाने में वैज्ञानिक प्रमाण अकाट्य होने के कारण महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। इसलिए शासन द्वारा प्रयोगशाला के नए भवनों के निर्माण, उपकरणों की खरीद आदि की कार्यवाही अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने की तैयारी है। वहीं आवश्यक वैज्ञानिकों, विषय विशेषज्ञों व तकनीकी कर्मियों की पूर्ति भी की जायेगी।

प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पण्डा के निर्देशों के मुताबिक प्रदेश के सभी 18 परिक्षेत्रों में एक-एक ‘‘स्टेट ऑफ द आर्ट फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी’’ की भी जल्द स्थापना होगी। साथ ही आगरा एवं वाराणसी प्रयोगशालाओं में डीएनए यूनिट बनेगी।

इसके अलावा प्रदेश में ए, बी एवं सी श्रेणी की नवीन प्रयोगशालाओं भी जल्द शुरू की जाएगी। सभी जनपदों में मोबाइल फोरेंसिक वैन भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

कुछ घटनाएं जो अभी भी रहस्य

केस नम्बर एक

हुसैनगंज कोतवाली क्षेत्र में 12 जून वर्ष 2011 की शाम शहर के प्रतिष्ठित चश्मा व्यवसाई गुलाब टेक चंदानी अमीनाबाद से दुकान बंद करने के बाद अपनी स्कूटर पर सवार होकर चारबाग स्थित खम्मन पीर बाबा की मजार शरीफ पर दर्शन करने गए थे। लगभग दस बजे रात को दर्शन करने के बाद स्कूटर से वापस घर जा रहे थे तभी स्टेशन रोड पर बाइक सवार बेखौफ बदमाशों ने ओवर टेक कर गुलाब टेक चंदानी को रोक लिया। जब तक गुलाब कुछ समझ पाते कि इससे पहले असलहों से लैस बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी। इस हाई प्रोफाइल हत्याकांड के मामले में पुलिस अधिकारियों ने पुलिस की टीमें गठित कर लखनऊ समेत आसपास के जिलों में रवाना किया। लेकिन छह वर्ष तक पुलिस कातिलों का सुराग लगाना तो दूर हत्या करने के कारण का भी पता नहीं लगा पाई।

केस नम्बर दो

चिनहट कोतवाली क्षेत्र में 18 दिसंबर 2010 को कमता स्थित शिवाजी नगर निवासी बीसीए के छात्र बलराज सिंह वर्मा उर्फ पिंटू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना को पुलिस ने पहले हत्या करने की घटना सें ही इंकार करते हुए कहा कि छात्र ने स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर लिया है। लेकिन दूसरे दिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुलिस की झूठी कहानी की पोल खुल गई थी। रिपोर्ट से पता चला कि छात्र की गोली मारकर हत्या की गई है। पुलिस संदेह के आधार पर चिनहट कस्बे से कई युवकों को हिरासत में लेकर कई दिनों तक लंबी पूछताछ की लेकिन पुलिस को कुछ हासिल नहीं हुआ। सूत्रों की मानें तो छात्र हत्याकांड में किसी करीबी का ही हाथ है। लेकिन पुलिस उन हत्यारों तक पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।

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