हाईटेक मंडियों की उपेक्षा करने वाले मंडी सचिवों पर कार्रवाई

हाईटेक मंडियों की उपेक्षा करने वाले मंडी सचिवों पर कार्रवाईगाँव कनेक्शन

लखनऊ। एएमएच (एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब) की उपेक्षा करने वाले मंडी सचिवों पर कार्रवाई होगी। एपीसी प्रवीर कुमार ने अपर मंडी निदेशक को एमएच क्रियाशील नहीं करने वाले मंडी सचिवों से स्पष्टीकरण मांगते हुए दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा है। प्रदेश में मंडी परिषद की ओर से 1646 बनाई गई एएमएच की दुर्दशा पर खबर प्रमुखता से छापी थी। एपीसी ने मंडी परिषद के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंडी अफसरों को कड़ी फटकार लगाई।

उन्होंने 13वें वित्त आयोग के तहत बनाई गई, 1646 में 546 एग्री मार्केिटंग हब क्रियाशील नहीं पाया। इस पर उन्होंने जिम्मेदार सचिवों से स्पष्टीकरण लेते हुए उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा।इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के 318 जनेश्वर मिश्र गाँवों में सीसी रोड और नाली निर्माण का कार्य मई माह तक पूरा कराने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही तीन महीने की समयावधि पूर्ण होने के बाद भी लम्बित रहने की दशा में इन कार्य को चिन्हित कर देरी के लिए जिम्मेदारी तय कर सम्बंधित के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। 

हिंदी में बनेगी वेबसाइट

एपीसी ने मंडी परिषद को अपनी वेबसाइट हिन्दी में भी बनाई जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने विभागीय वेबसाइट को किसानों के लिए और उपयोगी बनाने के लिए इसमें रिसपोन्सिव पेज बनाये जाने के निर्देश दिए, ताकि किसान मंडी द्वारा उपलब्ध सुविधाओं को मोबाइल पर देख सके। इसके अलावा उन्होंने बाजार दर की सूचना नियमित उपलब्ध नहीं कराने वाले मंडी सचिवों को कड़ी चेतावनी देने के निर्देश देते हुये कहा, समय से सूचना अपलोड कराना सुनिश्चित कराया जाए। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

मुख्य अभियंता के खिलाफ होगी कार्रवाई

किसान बाजार मैनपुरी के बारे में गलत जानकारी देना मुख्य अभियंता मंडी को भारी पड़ गया। एपीसी ने गलत सूचना देने वाले अपर मंडी निदेशक को मंडी परिषद के मुख्य अभियंता से स्पष्टीकरण मांगने को कहा है। 

उन्होंने मंडी स्थल शमशाबाद आगरा की बाउण्ड्रीवॉल पूरी करने और मंडी स्थल के निर्माण के लिए प्राक्कलन (कार्य योजना)गठित कराकर धनराशि की व्यवस्था कर इसके पूरा कराने को कहा है। इसके अलावा आयुक्त ने वर्ष 2016-17 में विकास एजेंडा के तहत शामिल कार्यों को तय समय में पूरा करने को कहा है। वहीं बुंदेलखंड में तिल उत्पादन को देखते हुए समुचित मार्केटिंग के लिए झांसी में स्थापित होने वाले विशिष्ट मण्डी स्थल और ई-आक्शन के जल्द कार्यवाही करने को कहा। 

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