हर धार्मिक ग्रन्थ पढ़ना चाहती हैं मरियम

Swati ShuklaSwati Shukla   26 May 2016 5:30 AM GMT

हर धार्मिक ग्रन्थ पढ़ना चाहती हैं मरियमगाँव कनेक्शन

लखनऊ। गीता चैंपियंस लीग को जीतने वाली मरियम सिद्दीकी (13 वर्ष) सभी धार्मिक ग्रंथों को पढ़ना चाहती है।मरियम सिद्दीकी कहती हैं, “कुरआन शरीफ, गीता को पढ़ने के बाद, अब मैं बाइबिल और गुरु ग्रन्थ सहिब भी पढ़ना चाहती हूं।

इसके बाद अपने देश का कानून पढ़ना चाहती हूं, अपने देश और कानून के बारे में आज भी लोगों को जानकारी नहीं है। इसलिए उन्हें इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है।” मरियम को बुधवार को यूपी पुलिस के महिला प्रकोष्ठ ने चाइल्ड विंग का गुड विल ब्रॉन्ड एम्बेसडर बनाया।   

महिला प्रकोष्ठ की एडीजी सुतापा सान्याल ने कहा, “हम अगले महीने से मरियम के साथ काम शुरु करेंगे। इसमें बच्चों के लिए एक्टिविटीज शुरू करेंगे।” पिछले साल मरियम ने ‘गीता चैंपियन्स लीग’ को जीतकर सबको चौंका दिया था। इसका आयोजन जनवरी, 2015 में इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कंससनेस (इस्कॉन) ने किया था। भगवद गीता पर आधारित इस प्रतियोगी परीक्षा में मरियम ने सर्वाधिक अंक प्राप्त किए थे।  

कानपुर की रहने वाली मरियम ने कहा, “जब मैं आठ साल की थी, तब पापा ने कहा था कि तुमको सारे ग्रन्थ पढ़ने चाहिए, तब से मैं ये ग्रन्थ पढ़ रही हूं।” आसिफ सिद्दीकी को अपनी बेटी मरियम पर आज नाज है। “मुझे मेरी बेटी के नाम से जाना जाता है, सभी धार्मिक ग्रन्थों में जीवन जीने का सार है। चाहे वो गीता हो या कुरान सभी ग्रंथ दुनिया को अच्छा संदेश देना चाहते हैं।”

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