हर जिले में बनाये जायेंगे फिल्म क्लब

मनीष मिश्रामनीष मिश्रा   21 April 2016 5:30 AM GMT

हर जिले में बनाये जायेंगे फिल्म क्लबgaoconnection, film club

लखनऊ। प्रदेश के गाँवों और कस्बों से प्रतिभाओं को सही मंच देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार हर जिले में फिल्म क्लब बनाने जा रही है। इस माध्यम से उभरते ग्रामीण कलाकारों को बड़ी संस्थाओं से जोड़ा जाएगा। 

“जिलों में बनने वाले फिल्म क्लब से हम ऐसे लोगों को जोड़ेंगे जिन्हें फिल्मों के प्रति रुझान हो, इसकी शुरुआत हम 11 जिलों से कर रहे हैं। इस क्लब को फिल्म बंधु और फिल्म विकास परिषद से जोड़ कर युवाओं को सभी सरकारी सुविधाएं दी जाएंगी।” उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के उपाध्यक्ष गौरव द्विवेदी ने बताया।

प्रदेश सरकार ग्रामीण कलाकारों को रास्ता बताएगी जो फिल्म के क्षेत्र में करियर बनाने को इच्छुक हैं। इससे छोटी जगहों के लोगों को सही जानकारी मिल पाएगी और बड़े शहरों में उनके हक नहीं मारे जाएंगे। ऐसे क्लब बनाने का काम बाराबंकी, बस्ती, वाराणसी, अमेठी, फैजाबाद, सुल्तानपुर में शुरु हो भी चुका है।

यूपी की नई फिल्म नीति को प्रदेश में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने कोे अच्छा बताते हुए गौरव द्विवेदी कहते हैं, “नई फिल्म नीति में जो सब्सिडी है, वो अहम है, अभी हमारे पास 100 से अधिक प्रपोजल आ चुके हैं, जो यूपी में फिल्म शूट करना चाहते हैं। कुछ की शूटिंग शुरू भी हो चुकी है। बड़े कलाकार यहां काम करने के लिए उत्सुक हैं।” 

नई फिल्म नीति का मकसद है कि प्रदेश में फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिले। इसके तहत प्रदेश स्तरीय फिल्म इंस्टीट्यूट बनाया जाएगा। ताकि यहां के लोगों को प्रशिक्षण मिल सके। साथ ही, अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल और फिल्म अवार्ड भी शुरू किए जाएंगे।  

इसी के साथ प्रदेश में लेखकों की वर्कशाप की जाएगी, जहां मुफ्त में ट्रेनिंग दी जाएगी। फिल्म बनाने की जो अलग-अलग विधाएं हैं-कोरियोग्राफी, वीटी एडिटिंग आदि, में भी अलग-अलग समय पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये वर्कशाप बड़े जिलों में भी जाकर की जाएंगी।  “हमारी कोशिश है कि उत्तर प्रदेश को हिन्दुस्तान फिल्म उद्योग का अगला गढ़ बनाएं। हम प्रदेश को ब्रैंड ग्लोबली करेंगे, पर कनेक्ट लोकली करेंगे।” गौरव दि्वेदी बताते हैं, “अभी जो हम सब्सिडी दे रहे थे, वह हिन्दी फिल्मों और क्षेत्रीय फिल्मों के लिए थी। लेकिन अब देश की दूसरी भाषाओं और अंग्रेजी में फिल्मों के लिए छूट दी जाएगी।”

गौरव दि्वेदी बताते हैं, “ यूपी की सबसे बड़ी विशेषता है कि हमारी जुबान बहुत साफ है, जो हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री के लिए हमारी ताकत है। प्रदेश की भैगोलिक स्थिति काफी विविध है। इस सब के साथ सरकार से जो छूट मिली है, उसने बहुत प्रभाव डाला है, लोग आना जाहते हैं यहां।   

सरकार का काम है कि लोगों को सुविधाएं प्रदान करें, हम लोकल लेवल पर फिल्म क्लब का प्रचार-प्रसार करेंगे। बड़े-बड़े कलाकारों को छोटे जिलों में लेकर जाएंगे। किसी फिल्म का प्रीमियर छोटे जिले में कराएं, ताकि वो लोग एकजुट हों।

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