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हर साल नहीं चौपट होगी सैकड़ों एकड़ फसल

हर साल नहीं चौपट होगी सैकड़ों एकड़ फसल

बरेली। रामगंगा नदी के आस-पास के तीन दर्जन से अधिक गाँवों के हज़ारों लोगों की फसलें अब चौपट नहीं होंगी। रामगंगा नदी में हर साल जलस्तर के बढऩे से होने वाले किसानों के नुकसान से बचाव के लिए तटबंध बनाने का काम शुरू हो चुका है। 

बाढ़ से बचाव के लिए रामगंगा नदी की दायीं ओर साढ़े बारह किलोमीटर तक तटबंध बनाया जाएगा। यह तटबंध रामगंगा पुल से दातागंज मार्ग तक होगा, जिससे बदायूं जिले के गाँव के लोगों को भी लाभ होगा।   

बरेली जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर कोहनी गाँव के योगेंद्र रावत (39 वर्ष) खेती छोड़कर एक छोटी सी परचून की दुकान चला रहे हैं। योगेंद्र बताते हैं, ''मेरे पास पांच बीघा खेत था, लेकिन रामगंगा नदी में जब पानी छोड़ा गया तो हमारा खेत भी फसल सहित डूब गया। खर्चा चलाने के लिए परचून की दुकान खोलनी पड़ी। तटबंध बनने से लोगों को काफी फायदा होगा।"

योगेंद्र ही नहीं बल्कि रामगंगा नदी के आस-पास के गाँवों को हर साल इस समस्या से जूझना पड़ता है। वर्ष 2012 में सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव ने बाढ़ से इन गाँवों को बचाने के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट के तौर पर नदी किनारे तटबंध बनाए जाने की मांग की थी, जो कि अब पूरी हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट की लागत 24 करोड़ रुपए से ज्यादा की है। तटबंध हाई फ्लड लेवल से डेढ़ मीटर ऊंचा होगा। इसके ऊपर की चौड़ाई साढ़े पांच मीटर होगी। 

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