हरीश रावत सीबीआइ जांच से डर कर भाग रहे हैं: भाजपा

हरीश रावत सीबीआइ जांच से डर कर भाग रहे हैं: भाजपाgaoconnection, हरीश रावत सीबीआइ जांच से डर कर भाग रहे हैं: भाजपा

देहरादून (भाषा)। उत्तराखंड राज्य मंत्रिमंडल द्वारा स्टिंग सीडी प्रकरण में मुख्यमंत्री हरीश रावत के विरुद्ध चल रही सीबीआई जांच की अधिसूचना वापस लेने के निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने आज उन पर केंद्रीय एजेंसी की जांच से डर कर भागने का आरोप लगाया और कहा कि अगर उनमें जरा सा भी नैतिक साहस होता तो वह उसका सामना करते।

यहां जारी एक बयान में भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री रावत ने कल राज्य मंत्रिमंडल की बैठक अध्यक्षता स्वयं न करके संसदीय कार्यमंत्री इन्दिरा हृदयेश से कराई और फिर उसमें यह प्रस्ताव पारित कराया कि उनके खिलाफ चल रही सीबीआई जांच की अधिसूचना वापस ले ली जाये।        

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ''इससे साफ है कि मुख्यमंत्री सीबीआई जांच से डर कर भाग रहे हैं। यदि उनमें जरा भी नैतिक साहस होता तो वे जांच का सामना करते।

उन्होने कहा कि रावत के सीबीआई जांच से डरने का पता इस बात से भी चलता है कि केंद्रीय एजेंसी की पूछताछ से बचने के लिए उन्होंने स्वास्थ्य ठीक न होने का बहाना बनाया और उसे देहरादून आ कर जांच करने को कहा लेकिन सोनियाजी (कांग्रेस अध्यक्ष) के दरबार में जाने के लिए वह ठीक हो गये।

स्टिंग सीडी प्रकरण की जांच के लिये प्रदेश स्तर पर विशेष जांच दल (सिट) के गठन के राज्य मंत्रिमंडल के फैसले पर भी भट्ट ने सवाल उठाया और कहा कि राज्य सरकार के तहत होने वाली इस जांच का कोई मतलब नहीं है क्योंकि सिट को दबाव में लेना मुश्किल काम नहीं है।

इस संबंध में भट्ट ने आपदा राहत घोटाले का जिक्र किया और कहा कि उस मामले में हुई जांच का नतीजा सबके सामने है जिसमें अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी गयी। उन्होंने कहा कि आपदा राहत घोटाले में एक अच्छे अधिकारी की भी फजीहत हुई। अब इस मामले में भी एक ईमानदार अधिकारी के कंधे की आड़ लेकर रावत खुद तो बचना चाहते हैं पर उस अधिकारी का भविष्य खराब करने पर आमादा हैं।

हालांकि उन्होंने कहा कि स्टिंग सीडी मामले में सीबीआई जांच की गंभीरता को देखते हुए भाजपा कानूनी राय लेगी और अन्य विकल्पों पर भी विचार करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा दोषियों को बच निकलने देने का मौका नहीं देगी। भट्ट ने कहा कि भाजपा इसमें मूक दर्शक बन कर नहीं बैठेगी और जन आन्दोलन कर जनता को भी सब तथ्यों से अवगत कराएगी।

मुख्यमंत्री हरीश रावत को कथित तौर पर बागी विधायकों की खरीद-फरोख्त करते दिखाने वाली इस स्टिंग सीडी के 26 मार्च को सामने आने के बाद सियासी गलियारों में हडकंप मच गया था और इसके एक दिन बाद प्रदेश में लगे राष्ट्रपति शासन के लिये 18 मार्च से जारी सियासी तूफान के अलावा इस स्टिंग सीडी को भी जिम्मेदार माना गया था।

भट्ट ने यह भी आरोप लगाया कि रावत के सत्ता में आते ही खनन और शराब व्यवसायी मनमर्जी करने लगे हैं और रावत सरकार ने उन्हें लूट की खुली छूट दे दी है।

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