हरिजनों को सिर्फ खंभे मिले, बिजली पर प्रधान का कब्जा

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प्रतापगढ़। बिजली के खंभे और तार तो बिजली विभाग ने गाँव में लगा दिए, लेकिन नौ साल बीत जाने के बाद भी एक बार भी गाँव में बिजली नहीं आयी।

प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 18 किमी. दक्षिण पूर्व दिशा में शिवगढ़ ब्लॉक के नाजियापुर गाँव में लगभग नौ वर्ष पहले राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत खम्भे गाड़कर तार खींच दिए गए थे। आधे गाँव में बिजली भी आ गयी, लेकिन पंचायत के हरिजन बस्ती तक अभी भी बिजली नहीं पहुंची है।

नाजियापुर ग्राम पंचायत में हरजिन टोला में लगभग पचास घर हैं और यहां के कई लोगों ने बिजली का कनेक्शन भी ले रखा है। हरिजन टोले के कंशराज (50 वर्ष) बताते हैं, “हम लोगों ने बहुत कोशिश की बिजली आ जाए, डीएम, एसडीएम सबको एप्लीकेशन भी दिया गया की यहां तक बिजली आ जाए लेकिन अब तक न आ पायी।”

राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना की शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी, जिसका उद्देश्य सभी ग्रामीण आवासों में बिजली उपलब्ध कराना है। जिले में 17 विकास खंड और पांच तहसीलें हैं और आबादी लगभग 34 लाख है। जिले में बिजली की आपूर्ति के लिए विद्युत विभाग के दो वितरण खंड हैं। पहले में सदर, रानीगंज और पट्टी तहसीलें हैं और दूसरे खंड में लालगंज व कुंडा हैं। जिले के कुल 9,000 मजरों में 4563 मजरों में बिजली की रोशनी नहीं पहुंच सकी है। 

नाजियापुर के पूर्व ग्राम प्रधान मोहम्मद ने तीन साल पहले हरिजन टोला के लोगों से अंगूठा और हस्ताक्षर करवा कर उनके नाम ट्रांसफार्मर लेकर अपने घर पर लगवा लिया था। गाँव के वकील अहमद (28) बताते हैं, “कितनी बार ही हम लोगों ने एप्लीकेशन दिया होगा, पिछले साल प्रधान हम लोगों और हरिजन टोला के लोगों से लिखवाकर ले गये और जब ट्रांसफार्मर और खम्भा आया तो उसे अपने घर में लगवा लिया। उस एक ट्रांसफॉर्मर से सिर्फ उन्हीं के यहां बिजली जाती है।”

हरिजन टोला के रामदास (45 वर्ष) कहते हैं, “बहुत परेशानी होती है पूरी पंचायत में बिजली है सिर्फ यहीं 50 घर में नहीं है। ग्राम प्रधान ने हमारी बस्ती में कुछ भी नहीं करवाया है, एक भी कॉलोनी नहीं बनी न नाली न खडंजा, प्रधान दबंग हैं किसी की सुनता ही नहीं।”

स्वयं वालेंटियर: गोविंद कुमार

स्कूल: रानी सूर्य किशोरी देवी इंटर कॉलेज

पता: उड़ैयाडीह, प्रतापगढ़

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

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