ई-डिस्ट्रिक्ट बना झाँसी

ई-डिस्ट्रिक्ट बना झाँसी

झांसी। झांसी जिले को ई-डिस्ट्रिक्ट का दर्जा हासिल हो गया है। सेंटर फॉर ई-गवर्नेस के तहत इसका सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है।

ई-डिस्ट्रिक्ट बनने से सरकारी तंत्र के लिए आम जनमानस के कामकाज में हीलाहवाली करना आसान नही होगा। अधिकारियों से इसकी ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इसके लिए पूरा सेटअप तैयार किया गया है। ई-गवर्नेस के तहत वर्तमान में आठ विभागों की 26 सेवाएं दी जा रही है। इन सेवाओं का लाभ लोगों को जनसेवा व लोकवाणी केंद्रों के जरिए मिल रहा है।

जिले को ई-डिस्ट्रिक्ट का दर्जा मिलने के बाद अब उक्त के लिए आने वाले आवेदनों का त्वरित गति से निस्तारण होगा। इसमें प्रमुख रूप से आय, जाति, निवास, जन्म, मृत्यु प्रमाण-पत्र, कुटुंब रजिस्टर की नकल, रोजगार पंजीकरण नवीनीकरण, राशन कार्ड, वृद्वावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति आवेदन, शादी-बीमारी अनुदान आवेदन आदि शामिल है। इसके अलावा विभिन्न विभागों की 90 सेवाओं को और शामिल करने की तैयारी है।

किसी आवेदन-पत्र पर रिपोर्ट लगवाने के लिए लेखपाल या अन्य सम्बन्धित कर्मचारी के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही उन्हें अपने पास आवेदन आने का इंतजार करना होगा। बल्कि वह अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन लगा सकेंगे। इसके लिए यूजर आईडी उपलब्ध कराई गई है।

विभिन्न कार्यों के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़े तथा पूरी पारदर्शिता के साथ काम समय पर पूरा हो, इसके लिए ई-गवर्नेस पर जोर है। इस मामले में झांसी को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।

सेंटर फॉर इ-गवर्नेस के तहत झांसी जनपद को ई-डिस्ट्रिक्ट का दर्जा प्रदान कर दिया गया है। इसे हासिल करने के लिए झांसी के सभी तहसील व ब्लाक मुख्यालयों पर कम्प्यूटर लैब स्थापित की गयी है। साथ ही जिला मुख्यालय पर भी लैब स्थापित की गयी है, ताकि सरकारी कर्मचारी आसानी से अपना काम पूरा कर सकें। इसकी देखरेख के लिए अलग से कर्मचारियों की तैनाती की गयी है।

इतना ही नहीं, जिले के सभी उप जिलाधिकारी व तहसीलदारों को लैपटाप प्रदान किए गए है, ताकि वह उनके स्तर पर होने वाले कामकाज की ऑनलाइन निगरानी कर सकें। कम्प्यूटर मे काम करने का अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।

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