इन सभी नतीजों के लिए राहुल गांधी जि़म्मेदार नहीं हैं!

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नई दिल्ली (भाषा)। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की मतगणना में सबसे रोचक परिणाम पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु और असम से मिले हैं। वहीं कांग्रेस के लिए ये परिणाम चिंता का बड़ा विषय छोड़ गए, 2012 में 13 राज्यों में फैली कांग्रेस अब बस देश के छह राज्यों तक ही सिमट कर रह गई है।

बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने पिछली बार से भी कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हुए लगभग तीन-चौथाई बहुमत का आंकड़ा छू लिया। वहीं तमिलनाडु में तमाम एक्जिट पोल के उलट जनता ने वर्ष 1989 के बाद पहली बार किसी पार्टी को लगातार दूसरी बार सत्ता तक पहुंचाया है। असम पर कब्जे के साथ भाजपा पहली बार किसी पूर्वोत्तर राज्य में सत्ता हासिल कर सकी।

तमिलनाडु में सत्तारूढ़ जे जयललिता की पार्टी अन्नाद्रमुक को इस बार भी स्पष्ट बहुमत मिला है, जिससे एम करुणानिधि की पार्टी द्रमुक के साथ मिलकर लड़ रही कांग्रेस का सत्ता हासिल करने का ख्वाब टूट गया। उधर, केरल में भी कांग्रेस-नीत यूडीएफ के हाथ से सत्ता छिन गई और वाम गठबंधन एलडीएफ को राज्य में स्पष्ट बहुमत मिला है। पश्चिम बंगाल की चुनावी मतगणना से एक और दिलचस्प बात यह सामने आई है कि वामदल की गठबंधन सहयोगी कांग्रेस को उनसे ज्यादा सीटें मिली हैं।

असम पर भाजपा का कब्जा हो गया है और किसी पूर्वोत्तर राज्य में पहली बार भाजपा सत्ता हासिल करने में सफल रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम परिणामों को अभूतपूर्व और ऐतिहासिक जीत बताया है और पार्टी कार्यकाताओं, नेताओं एवं मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार सर्बानंद सोनोवाल को बधाई दी। कांग्रेस के लिए पुडुचेरी एकमात्र राज्य है, जहां पार्टी को कुछ सांत्वना मिली है और वह जीत हासिल कर पाई है।

असम विधानसभा चुनाव में भाजपा नीत गठबंधन मिशन 84 के लक्ष्य को पार करते हुए जबर्दस्त जीत के साथ इतिहास रचने के करीब है और पार्टी 15 साल से राज्य की सत्ता पर काबिज कांग्रेस को हटाकर पहली बार पूर्वोत्तर के किसी राज्य में सरकार बनाने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम में भाजपा की जीत को ‘ऐतिहासिक’ और ‘अभूतपूर्व’ करार देते हुए कहा कि पार्टी राज्य के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी और राज्य को विकास की नयी ऊंचाइयों तक ले जायेगी।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट में कहा,“असम में अभूतपूर्व जीत के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं और जनता को हृदय से बधाई। यह जीत सभी मानकों पर ऐतिहासिक है।” असम में भाजपा की जीत के सूत्रधारों में शामिल पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार सर्बानंद सोनोवाल ने आज कहा कि राज्य में नयी सरकार की मुख्य प्राथमिकता वृहद असमिया समुदाय के हितों को सुरक्षा प्रदान करना होगा। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने युवा नेता एवं केंद्रीय मंत्री सर्बानन्द सोनोवाल को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में पेश किया और लोगों ने उनमें विश्वास जताकर पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार माने जाने वाले असम में भाजपा के सत्तासीन होने का मार्ग प्रशस्त किया।

चार राज्यों और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी चौंकाने वाली बात तमिलनाडु में सामने आयी है जहां अन्नाद्रमुक ने शानदार जीत हासिल की है। हालांकि मतदान बाद के सर्वेक्षणों में उसके सत्ता से बाहर जाने की भविष्यवाणियां जोर-शोर से की गयी थीं। जयललिता की अगुवाई में अन्नाद्रमुक ने भी नया चुनावी इतिहास रच दिया। 1989 के बाद से तमिलनाडु की जनता ने किसी भी पार्टी को लगातार दूसरी बार सत्ता नहीं सौंपी थी लेकिन अब की बार यह परंपरा टूट गयी। केरल ने अपनी परंपरा को बरकरार रखते हुए सत्तारूढ़ कांग्रेस नीत यूडीएफ गठबंधन को बाहर का रास्ता दिखाकर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा को मौका दिया।

दूसरी तरफ पुडुचेरी में सत्तारूढ़ एआईएनआरसी को पीछे छोड़ते हुए कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन ने बहुमत हासिल कर लिया। चुनाव आयोग के अनुसार इस केंद्र शासित प्रदेश की 30 सीटों में से कांग्रेस को 15 और उसकी सहयोगी द्रमुक को दो सीटे मिली हैं। मुख्यमंत्री एन रंगासामी के लिए यह बड़ा झटका है जो चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की कोशिश कर रहे थे। केरल ने अपनी परंपरा को बरकरार रखते हुए सत्तारुढ कांग्रेस नीत यूडीएफ गठबंधन को बाहर का रास्ता दिखाकर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा को मौका दिया।

कांग्रेस ने उपचुनाव में भी मुंह की खाई:  असम और केरल के विधानसभा चुनाव के परिणामों से आहत कांग्रेस को गुजरात और तेलंगाना उपचुनाव में भी मुंह की खानी पड़ी और उसके उम्मीदवार दोनों राज्यों में जीत हासिल नहीं कर सके। यही नहीं उत्तर प्रदेश में तो दोनों सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। 

गुजरात में भाजपा ने गिर सोमनाथ जिले में तलाला विधानसभा सीट कांग्रेस से छीन ली। तेलंगाना में सत्तारुढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति ने खम्माम जिले के पलेयर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को पटखनी दी। उत्तर प्रदेश में सत्तारुढ़ समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों ने जंगीपुर और बिलारी विधानसभा सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों को मात दी। इन दोनों क्षेत्रों में कांग्रेस के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई जबकि बसपा ने उपचुनाव में हिस्सा नहीं लिया। झारखंड के गोड्डा विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत। यहां भी कांग्रेस कोई सीट नहीं निकाल सकी।

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