इस सत्र से गन्ना किसानों को वित्तीय सहायता सीधे खातों में

इस सत्र से गन्ना किसानों को वित्तीय सहायता सीधे खातों में

लखनऊ| केंद्र सरकार ऐसी व्यवस्था लाने जा रही है, जिसके ज़रिये गन्ना किसानों को उसके द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता सीधे किसान के खाते में भेजी जा सके|

खाद्य मंत्रालय ने एक प्रस्ताव तैयार कर इसका कैबिनेट नोट सभी संबधित मंत्रालयों को सौंप दिया है और जल्दी ही कैबिनेट की बैठक में इस पर फैसला हो सकता है। खाद्य मंत्रालय के इस प्रस्ताव पर अगर कैबिनेट की मुहर लग जाती है तो इसी सत्र से गन्ना किसानों को वित्तीय मदद सीधे उनके खाते में मिलेगी| 

प्रस्ताव के मुताबिक सरकार गन्ना किसानों को प्रति कुंतल 47.50 रुपये की सब्सिडी देगी और यह सब्सिडी सीधे किसानों के खातों में चली जाएगी। भारत के जिंस बाज़ार पर नज़र रखने वाले न्यूज़ पोर्टल मार्केट टाइम्स टीवी ने अपने मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है|

मौजूदा व्यवस्था के तहत चीनी मिलों को केंद्र सरकार के द्वारा तय किए गए फेयर एंड रिमुनिरेटिव प्राइस यानि एफआरपी की दर पर किसानों से खरीदे गए गन्ने का भुगतान करना होता है। फिलहाल गन्ने का एफआरपी 230 रुपये प्रति क्विंटल है जो चीनी मिलों को चुकाना होता है। 

नई योजना के बाद केंद्र सरकार इस 230 रुपये में से 47.50 रुपये की सब्सिडी सीधे गन्ना किसानों के खाते में डाल देगी| ये खाते भी चीनी मिलों को ही खुलवाने पड़ेंगे। बाकी बचा हुआ बकाया यानि 182.50 रुपये प्रति क्विंटल चीनी मिलें किसानों को चुकाएंगी|

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