जल संकट पर अल्टीमेटम

जल संकट पर अल्टीमेटमगाँव कनेक्शन

उन्नाव। जिला पंचायत की बैठक में जनपद में गंभीर जलसंकट होने की पुष्टि हुई। अधिकांश सदस्यों ने अपने क्षेत्र में पानी की विकराल समस्या होने की जानकारी दी। उन्होंने सदन में तालाब, नहरें व जलाशयों के सूखे होने की जानकारी देने के साथ ही खराब हैंडपंपों की समस्या रखी और इनके निस्तारण की मांग की। 

जिले में पानी को लेकर त्राहि—त्राहि मची है। अधिकारियों के लापरवाह रवैये के चलते अपने-अपने क्षेत्र में सभी जनप्रतिनिधियों को लोगों के तानों को सुनना पड़ रहा है। इसका असर रविवार जिला पंचायत की बैठक में दिखाई दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सेंगर ने भी जल संकट को दूर करने के निर्देश अधिकारियों को देते हुए लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दे दी। 

अध्यक्ष संगीता सेंगर की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला पंचायत की बैठक शुरू हुई। यहां नवाबगंज तृतीय सीट से जिला पंचायत सदस्य ने क्षेत्र में जलसंकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में गोरिंदा ग्रामसभा है। यहां का पानी खराब है। उन्होंने खराब हैंडपंपों को दुरुस्त कराने की मांग सदन में रखी। बंद पड़े नलकूपों की जानकारी देने के बाद सीडीओ संजीव सिंह ने एक्सईन नलकूप से जवाब मांगा। सही उत्तर न मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नलकूपों की जांच कराने के लिए एक्सईएन से नलकूपों की सूची देने को कहा।

स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यशैली पर उठे सवाल 

नव निर्वाचित विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह यादव ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर सरकार की योजनाओं में लापरवाही बरतने की बात कही। उन्होंने कहा सरकार व्यवस्था दे रही है, लेकिन विभागों में ईमानदारी से काम नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारी जिनको कागजों पर सही बताते हैं वह भी असल में खराब ही रहते हैं।

पांच करोड़ से होगी पुरानी सड़कों की मरम्मत

बैठक में बताया गया कि चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के तहत जिला पंचायत को तकरीबन 24 करोड़ 15 लाख की धनराशि शीघ्र ही प्राप्त होने वाली है जिसमें लगभग 15 करोड़ के नये काम होने है और पांच करोड़ से पुरानी सडक़ों की मरम्मत करायी जायेगी। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अशोक कुमार यादव ने बताया, “नये कार्यों के लिये सदस्यों के प्रस्ताव आ गए हैँ। जिन सदस्यों के प्रस्ताव अवशेष रह गये हों तो उपलब्ध करा दें।” 

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