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जोड़ों के दर्द को न करें नज़रअंदाज

जोड़ों के दर्द को न करें नज़रअंदाजगाँवकनेक्शन

दुनियाभर में अर्थराइटिस की बीमारी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है और लगातार इसके मरीजों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन गई है। विशेषज्ञों के अनुसार सिर्फ भारत में इस बीमारी से करीब 15 प्रतिशत लोग ग्रसित हैं। केजीएमयू के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार बाताते हैं, “अर्थराइटिस 40 से 45 के उम्र में होने की सम्भावना ज्यादा होती है। ऑस्टियो अर्थराइटिस को गाठिया भी कहते हैं। इस रोग में घुटनों के जोड़ के अंदर का कार्टलेज कम होने लगता है और हड्डी जोड़ खुलने लगते हैं।” डॉ. संतोष कुमार बताते हैं, “अर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है जिसको पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है बस दवाओं से इसके असर को कम किया जा सकता है।” अर्थराइटिस कई प्रकार का होती है। रूमेटाइड अर्थराइटिस, गाउट, सिरॉइसिस अर्थराइटिस, ऑस्टियो अर्थराइटिस इनमें से प्रमुख हैं। सभी में शरीर के अलग-अलग जोड़ों में दर्द होता है।

क्यों होता है

आज हर कोई घर के बने पोष्टिक खाने को छोड़कर जंक फूड खाने में आनन्द महसूस करता है एक्सरसाइज ना करना और दिनभर की अनियमित दिनचर्या के कारण आप अर्थराइटिस का शिकार होते हैं। अधिक वजन के कारण भी अक्सर लोगों का अर्थराइटिस की शिकायत हाेने लगती है। इस बीमारी का शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता होना होता है। 

लक्षण

जब यूरिक एसिड शरीर में अधिक हो जाता है तो वह शरीर के जोड़ों में छोटे-छोटे क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है इसी कारण जोड़ों में दर्द और ऐंठन होती है। इस बीमारी में जोड़ों में गांठें बन जाती हैं और उसमें दर्द होता है, इसलिए इसे गठिया कहते हैं। अनुवांशिक कारणों से भी अर्थराइटिस हो सकता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि बदलती जीवनशैली के कारण सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं आजकल युवा भी इस बीमारी से अछूते नहीं रहे।

उपाय

  1. जीना चढ़ने और बहुत देर तक बैठे रहने के बाद खड़े होने में काफी दिक्कत होती है।
  2. इस बीमारी में आप अपने जोड़ों में दर्द महसूस करते हैं। ज्वाइंट्स पैन यानी जोड़ों में ऐसा दर्द जो आप सहन नहीं कर पाते हैं।
  3. अर्थराइटिस में यह दर्द सुबह के समय सबसे ज्यादा होता है, जिसके कारण आपको शरीर में थकान महसूस होती है। 
  4. आप चल-फिर नहीं पाते और सर्दियों में दर्द गर्मियों की तुलना में बढ़ जाता है। 
  5. इस बीमारी में असहनीय दर्द के साथ आपके हाथ-पैरों की अंगुलियों की शेप विकृत हो जाती है।
  6. जोड़ों में लगातार सूजन और अकड़न होना।
  7. जोड़ाें में दर्द के कारण बुखार आना।
  8. सबसे पहला और सरल उपाय है कि जैसे ही आपको ऐसे लक्षण महसूस हों फौरन डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
  9. डॉक्टर द्वारा बताई एक्सरसाइज को नियमित रूप से करें।
  10. दिनचर्या में अच्छा खान-पान शामिल करें।
  11. उचित मात्रा में विटामिन्स लें।
  12. खान-पान में दूध को शामिल करें।
  13. चिकित्सा के दौरान अपना वजन बढ़ने से रोकें।
  14. अर्थराइटिस के मरीजों को ज्यादा देर तक एक स्थिति में नहीं बैठना चाहिए।
  15. नियमित दवा, खान-पान और व्यायाम तथा जरूरत पड़ने पर सर्जरी करवाकर सामान्य जीवन जी सकते हैं।

रिपोर्टर - नाज़नीन

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