ज्यादा मोटापा दे सकता है मधुमेह

ज्यादा मोटापा दे सकता है मधुमेहgaonconnection

वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 मार्च को इस उम्मीद के साथ मनाया जाता है कि सभी लोग स्वस्थ रहें, निरोगी रहें। इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस “लोगो में तेजी से बढ़ रहे मधुमेह प्रकोप” विषय की थीम के साथ मनाया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार डायबिटीस दुनिया में सबसे तेजी से फैलता विकराल रोग है। इंटरनेशनल डायबिटीस फेडेरेशन द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार सन 2011 में अकेले भारतवर्ष में लगभग पांच करोड़ डायबिटिक रोगी थे जो 2015 के अंत तक करीब 6.2 करोड़ तक पहुंच चुके थे, जिस रफ्तार से ये रोग अपने पांव पसार रहा है, वर्ष 2030 तक एक अनुमान के मुताबिक रोगियों की संख्या 100 करोड़ के करीब पहुंच चुकी होगी। 

इस रोग की भयावहता देखते हुए इसे इस वर्ष “विश्व स्वास्थ्य दिवस” के लिए बतौर थीम लिया गया है। इसके रोकथाम, लक्षण और सावधानियों के बारे में केजीएमयू के आन्तरिक औषधि विभाग के डॉ प्रसून रस्तोगी बताते हैं, मधुमेह एक लाइफ स्टाइल बीमारी है, यह मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों में ज्यादा होती है या जो अपनी भोज्य ऊर्जा का सही इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं या दिनचर्या में शारीरिक ऊर्जा का क्षय करने में अक्षम हों। यह कोई संक्रमण या आनुवांशिक रोग नहीं है लेकिन फिर भी जिनके परिवार में पहले से ही कोई न कोई मधुमेह का रोगी हो जैसे दादा, परदादा उनको भी मधुमेह के होने की सम्भावनाएं ज्यादा रहती हैं।

क्या है डायबिटीज?

जब किसी व्यक्ति का अग्नाशय इंसुलिन नामक हार्मोन को बनाने में सक्रियता कम दिखाए या इसका निर्माण करना ही बंद कर दे तो मधुमेह रोग होता है और ऐसा होने से रक्त की शर्करा का स्तर काफी तेजी से बढ़ जाता है। डायबिटीस वास्तव में स्वास्थ्य बिगाड़ने वाली एक साथ अनेक समस्याओं का नाम है जो कि इंसुलिन हार्मोन की वजह से होती है। एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में अग्न्याशय (पेट के अंदर पीछे की तरफ का अंग) एक निश्चित मात्रा में इंसुलिन नामक हार्मोन को स्रावित करता है ताकि भोज्य पदार्थों के साथ शरीर में पहुंचने वाली शर्करा को यह एकत्रित करके रखे और समय-समय पर शरीर में आवश्यकता पड़ने पर इस शर्करा का उपयोग करता रहे। 

मुख्यत: तीन कारणों से होती है डायबिटीज 

  • जब अग्न्याशय इंसुलिन का निर्माण करना बंद कर देता है।
  • जब अग्न्याशय अपेक्षाकृत कम इंसुलिन का निर्माण करता है।
  • और जब शरीर इंसुलिन प्रतिरोधक हो जाए, यानि शरीर इंसुलिन के प्रति सही तरह से सक्रियता दिखाना बंद कर दे।

दो प्रकार की होती है मधुमेह (डायबिटीज) 

टाईप 1 डायबिटीस

इसे डायबिटीस इन्सिबिडस भी कहा जाता है। इस तरह की डायबिटीस में शरीर एंटी-डाययुरेटिक हार्मोन (ADH) की अल्पता हो जाती है, अग्न्याशय पूरी तरह से इंसुलिन निर्माण बंद कर देता है। 

टाईप 2 डायबिटीज

दूसरे प्रकार की डायबिटीस टाईप २ डायबिटीस कहलाती है जिसे डायबिटीस मेल्लीटस भी कहा जाता है। इस तरह की डायबिटीस में शरीर में अग्न्याशय इंसुलिन का अल्प निर्माण करता है यानि इंसुलिन का निर्माण आवश्यकता से कम होता है। ऐसी स्थिति में अक्सर शरीर भी अल्प मात्रा में बने इंसुलिन को पहचान नहीं पाता और इसका उपयोग नहीं हो पाता, इसे इंसुलिन प्रतिरोधकता भी कहा जा सकता है।

रिपोर्टर - दरख्शाँ कदीर सिद्दिकी

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