कबाड़खाना नहीं ये जूनियर हाईस्कूल है

कबाड़खाना नहीं ये जूनियर हाईस्कूल है

रिपोर्टर- अनिल चौधरी

पीलीभीत। जहां एक ओर समर्थ परिवारों के बच्चे कॉन्वेन्ट व पब्लिक स्कूलों में मंहगी फ ीस देकर अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। वहीं प्रदेश सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी परिषदीय स्कूलों के अध्यापकों की लापरवाही के चलते प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चे अच्छी शिक्षा से वंचित हैं।

अभी हाल ही में प्रदेश सरकार ने 72000 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती की प्रक्रिया पूरी की है। इस भर्ती में जो अभ्यर्थी सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त किए गए हैं, वह सभी बेहतर शिक्षा प्राप्त कर नौकरी में आए हंै। लेकिन इस नई भर्ती में नियुक्त किए गए सहायक अध्यापक अच्छा वेतन मिलने के बाद भी बच्चों को पढ़ाना नहीं चाहते हैं। ये अध्यापक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ करके स्कूलों से गायब रहते हैं। इसकी पड़ताल लगाने के लिए गाँव कनेक्शन ने जब ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों का दौरा किया तो सबसे पहले पूरनपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय, लालपुर में बच्चों समेत अध्यापक धूप का पूरा आंनद लेते हुए मिले। 

केस 1

लालपुर गाँव के प्राथमिक विद्यालय में क्लासरूम बहुत गंदे थे, जहां पर कुछ समय पूर्व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा टीकाकरण कार्य किया गया था क्योंकि इस्तेमाल की गई सिरिंज भी क्लासरूम में पड़ी मिली। क्लासरूम में बिजली के बोर्ड भी लुढ़कते पाए गए। 

स्कूल की इस बदहाल हालत के बारे में जब हेडमास्टर सूर्यकान्त मिश्रा से पूछताछ की गई तो उन्होंने ने बताया,''यहां पर 04 अध्यापकों का स्टाफ  है, जिसमें दो पुरूष व दो महिलाएं हैं। महिला टीचरों में  01 अवकाश पर चल रही हैं व दूसरी टीचर ज्वाइन करने के बाद से विद्यालय में आज तक नहीं आई हैं।" 

केस 2

इसके बाद मरौरी ब्लॉक के भूड़ा सरैंदा गाँव के प्राथमिक विद्यालय में पाया गया कि स्कूल में तीन अध्यापकों का स्टाफ  ही था, जिसमें से 02 शिक्षक अवकाश पर थे। 

प्राथमिक विद्यालय भूड़ा सरैंदा में 117 बच्चों ने दाखिला लिया है, जिसमें मात्र 77 बच्चे ही स्कूल आए थे। स्कूल के टीचर ने सभी बच्चों को बाहर धूप में बैठा रखा था और खुद स्वेटर बुन रही थीं। स्कूल का शौचालय पूरी तरह से टूटा हुआ था। कुछ ऐसी ही हालत बगल के जूनियर हाईस्कूल की भी मिली, जहां क्लासरूमों को कबाडख़ाना बना रखा था।

केस 3 

पूरनपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय, इटौरिया का भी यही हाल मिला। यहां बच्चे धूप में सुस्ताते दिखें। स्कूल भवन जर्जर हालत में है। यहां भी विद्यालय से कई टीचर बगैर छुट्टी लिये गायब पाये गए। गायब पाये गए टीचरों की छुट्टी के प्रार्थना पत्र जो बगैर तारीख के थे, रखे मिले और उपस्थिति रजिस्टर में उनके नाम का स्थान खाली छोड़ दिया गया था, जिससे वह टीचर अपनी सुविधानुसार उपस्थिति दर्ज कर सकें। 

इस बारे में जब पूरनपुर ब्लॉकके खंड शिक्षाधिकारी से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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