केंद्र निभाए जिम्मेदारी, वरना जनता सिखाएगी सबक: मायावती

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लखनऊ (भाषा)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए आज केंद्र से प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की परोक्ष मांग की और कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो आगामी विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा और उसकी केंद्र सरकार को कतई माफ नहीं करेगी।

मायावती ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चुनौती दी कि अगर वह कानून-व्यवस्था को लेकर इतने ही गम्भीर हैं तो अपने मंत्रिमण्डल में शामिल सभी आपराधिक छवि वाले मंत्रियों को निकाल बाहर करें।

बसपा मुखिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सपा सरकार के संरक्षण में पल रहे असामाजिक, माफिया और साम्प्रदायिक तत्वों का हौसला इस कदर बढ़ गया है कि वे दिनदहाड़े पुलिसकर्मियों की जान तक ले रहे हैं और सरकार इस घातक गिरावट के प्रति संवेदनशील होने की बजाय शहीदों की जान की कीमत लगाकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो लेती है। आज आम जनता के साथ पुलिस और अन्य सरकारी कर्मचारी जितने असुरक्षित हैं, उतने पहले कभी नहीं थे।

उन्होंने कहा, ‘‘इन परिस्थितियों में यहां के राज्यपाल और केंद्र सरकार को बिना देर किये अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी को प्रदेश हित में ज़रुर निभाना चाहिये, वरना जनता विधानसभा चुनाव में सपा के साथ-साथ भाजपा और केंद्र की सरकार को कतई माफ नहीं करेगी।'' मायावती ने कहा कि सपा ने मुख्तार अंसारी की पार्टी के खुद में विलय को लेकर तरह-तरह के नाटक किए हैं। अगर सपा सरकार वाकई अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के मामले में जरा भी गम्भीर और संवेदनशील है तो उसे अपने मंत्रिमण्डल में शामिल सभी आपराधिक छवि वाले मंत्रियों को निकाल बाहर करना चाहिये। मगर वह ऐसा नहीं करेगी, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो सपा खाली और खोखली हो जाएगी।

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